उधर काफी शोर होता है। लोगों का आकर्षण बढ़ता है। लेकिन, बुलट रखने वालों का यह शौक आसपास से गुजरने वाले लोगों में बेचैनी पैदा कर दे रहा है। इसे देखते हुए शासन ने पिछले दिनों आदेश देकर ज्यादा शोरगुल करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है, जिससे 80 डेसिबल से अधिक ध्वनि प्रदूषण हो रहा हो। शासन के आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम भी परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ लगाई है, जिससे कि मौके पर ही जांच कर कार्रवाई की जा सके।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन इकाई के सुरेश मौर्या ने बताया कि शासन के निर्देश पर पिछले हफ्ते कार्रवाई की गई। मौके पर प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारी साउंड मीटर रीडर के साथ मौजूद रहे। हफ्ते भर की कार्रवाई में कुल 80 बुलट में मोडिफाई साइलेंसर पाया गया। इनमें आवाज भी 80 डेसिबल से अधिक पाया गया। इन पर बुलट चालकों से 10-10 हजार रुपये का जुर्माना वूसला गया। उन्होंने बताया कि यह अभियान इस हफ्ते भी चलेगा।
ज्यादातर युवाओं की बुलट में ही लगा है मोडिफाइड साइलेंसर
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुरेश मौर्य ने बताया कि बुलट में भारी आवाज निकले, इसका क्रेज ज्यादातर युवाओं में है। वही ज्यादातर बुलट में मोडिफाइड साइलेंसर लगवा रहे हैं। जांच के दौरान भी युवाओं को ही ज्यादातर जुर्माना देना पड़ा। शहर में कई स्थानों पर मोडिफाइ साइलेंसर लगाने की दुकाने हैं। जहां आसानी से पैसा देकर मोडिफाइड साइलेंसर लगवाया जा सकता है।