प्राथमिकी के अनुसार सैफ पर ट्विटर पर हिंदू महिलाओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करके जानबूझकर धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया गया है। उसे जून 2022 में गिरफ्तार किया गया। निचली अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट करने के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने निजी मुचलके और दो प्रतिभूतियां लेकर रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश मो.सैफ अली की जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने दिया है।
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प्राथमिकी के अनुसार सैफ पर ट्विटर पर हिंदू महिलाओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करके जानबूझकर धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया गया है। उसे जून 2022 में गिरफ्तार किया गया। निचली अदालत ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट में उसकी ओर से दलील दी गई कि उसे झूंठा फंसाया गया है। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याची की जमानत अर्जी को मंजूर करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया।