Prayagraj News : आजाद पार्क में टेनिस कोर्ट के लिए काटे जा रहे पेड़।
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चंद्रशेखर आजाद पार्क में टेनिस कोर्ट के लिए पेड़ काटे जाने का मार्किंग वाकर्स ने बृहस्पतिवार को तीव्र विरोध किया। इसके बाद अधीक्षक ने कोर्ट का निर्माण रुकवा दिया। साथ ही पेड़ काटने के लिए किए गए गड्ढे भी भर दिए गए।
पार्क में लॉन टेनिस के दो कोर्ट पहले से हैं। स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत चार और कोर्ट बनाए जा रहे हैं। वहां बेंच आदि की भी व्यवस्थी प्रस्तावित है। इसकी जद में आठ पेड़ आ रहे हैं। इन पेड़ों को काटने के लिए चारों तरफ गड्ढे किए जा रहे थे। इससे नाराज मार्किंग वाकर्स ने विरोध शुरू कर दिया। सुभाष पांडेय, डॉ. रामप्रकाश सिंह आदि का कहना था कि पार्क शहर का मुख्य आकर्षण है। इसके अलावा पूरे देश में प्रदूषण को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐेसे में पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए। लोगों के विरोध पर स्मार्ट सिटी के अफसरों के अलावा अधीक्षक उमेश चंद्र उत्तम भी पहुंच गए।
अधीक्षक का कहना है कि टेनिस कोर्ट का निर्माण कहां होगा, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी तक नहीं दी गई है। इसके अलावा पेड़ काटने की भी अनुमति नहीं ली गई है। इसलिए काम रुकवा दिया गया। सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बाद ही निर्माण होगा। मंडलायुक्त संजय गोयल का कहना है कि हरे पेड़ नहीं काटे जाएंगे। स्मार्ट सिटी के अफसरों से वार्ता हुई है। पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुंचाई जाएगी। इसे ध्यान में ही रखकर टेनिस कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा।
50 वर्ष से अधिक पुराने नीम-पीपल के पेड़ आ रहे जद में
टेनिस कोर्ट की जद में आठ पेड़ आ रहे हैं। इनमें 50 से भी अधिक पुराने नीम एवं पीपल के पेड़ भी शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग या अन्य किसी संबंधित संस्था से अनुमति भी नहीं ली गई है। अधीक्षक का कहना है कि स्मार्ट सिटी के अफसरों से कहा गया है कि सभी संबंधित अफसरों एवं विभागों की अनुमति के बाद ही पेड़ काटे जा सकते हैं।