अतीक अहमद ने लखनऊ के व्यवसायी मोहित जायसवाल की फर्म से एक दिन में 75 लाख की वसूली की थी। 50 लाख अतीक के खाते में और 25 लाख शाइस्ता के खाते में स्थानांतरित किए गए थे। इन पैसों से अतीक ने शहर, झूंसी और फूलपुर इलाकों में जमीन खरीदी थी। ईडी ने जब मनी लांड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया तो इन संपत्तियों को अटैच कर लिया। ईडी की जांच में वसूली प्रकरण में उसके दो गुर्गों फारुख अहमद और जकी अहमद के भी नाम सामने आए हैं।
ईडी अतीक, उसके परिवार और गुर्गों और व्यापारिक सहयोगियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही है। मनी लांड्रिंग के अलावा जबरन वसूली प्रकरण में भी अतीक के गुर्गों और सहयोगियों के खिलाफ जांच की जा रही है। जांच के दौरान पता चला कि अतीक और उसके गुर्गे लखनऊ के व्यवसायी और बिल्डर मोहम्मद से पैसे वसूलते थे। अतीक के गुर्गे फारुख और जकी अहमद ने मोहित के लखनऊ कार्यालय पर भी कब्जा कर लिया था। कार्यालय पर कब्जे के बाद मोहित को अपहरण कर देवरिया जेल ले जाया गया। उसकी जमकर पिटाई के बाद उसकी फर्म के निदेशक पद से त्यागपत्र वाले कागजात पर दस्तखत भी करवा लिए गए थे।