भारत अब सोने के शेरों का देश है। किसी में हिम्मत हो तो लूटकर दिखाए। पहले सोने की चिड़िया थी, इसलिए अंग्रेज उसे लूट ले गए। लेकिन, अब मोदी और योगी ने इसे सोने के शेरों का देश बना दिया है। हमने भी इस गाने का बोल बदल दिया है। जहां, डाल... डाल पर सोने के शेरों ने किया बसेरा...वो भारत देश है मेरा। ये बातें रोटरी प्रयागराज संगम के कार्यक्रम में शिरकत करने आए भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा ने अमर उजाला से एक होटल में साक्षात्कार में कहीं।
प्रयागराज की बात करने पर पद्मश्री काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि यह शहर मेरे मामा का घर है। यहां आने के लिए मौके खोजता हूं। महाकुंभ में अमूमन तौर पर आने का प्रयास करता हूं। उम्मीद है कि मौका लगा तो फिर महाकुंभ 2025 में आऊंगा। इसी दौरान सोशल मीडिया के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म से हर जानकारी मिल जाती है, लेकिन तथ्य देखकर ही भरोसा करना चाहिए। वहीं, करिअर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री काफी बड़ी है। मेहनत और लगन से काम करने वाले युवाओं के लिए अवसरों की कमी नहीं है।
अंत में उन्होंने कहा कि मैं 12 सौ से अधिक भजन और गजल के 150 से अधिक एलबम रिलीज कर चुका हूं। उनके कुछ लोकप्रिय भजनों में ऐसी लागी लगन, मैं नहीं माखन खायो, रंग दे चुनरिया, जग में सुंदर है दो नाम और चदरिया झीनी रे झीनी शामिल हैं। हम 2002 से 2005 तक स्टार प्लस पर प्रसारित कार्यक्रम धर्म और हम के प्रस्तुतकर्ता भी रहे।