हॉस्टल वॉशआउट की कार्रवाई के तहत खाली कराए गए हॉस्टलों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) और पुलिस प्रशासन की टीम ने सोमवार को संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। जांच के दौरान हॉस्टल परिसर में मिले संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस ने वहां से हटाया। साथ ही परिसर में दोबारा न आने की चेतावनी भी दी।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे, सीओ कर्नलगंज श्रीशचंद्र समेत प्रॉटोरियल बोर्ड की टीम और पुलिस फोर्स ने हॉलैंड हॉल छात्रावास, एसएसएल छात्रावास, पीसीबी छात्रावास, जीएन झा हॉस्टल, एसआरके और तारांचद हॉस्टल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सभी कमरों की सील देखी गई। हालांकि निरीक्षण में टीम को सबकुछ ठीक मिला लेकिन हॉस्टल परिसर में कुछ संदिग्ध लोग मिले, जिनसे पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने पूछताछ की। इन संदिग्धों को तत्काल हॉस्टल से बाहर कर दिया गया और चेतावनी दी गई कि परिसर में दोबारा नजर आए तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इविवि प्रशासन ने एएन झा हॉस्टल, केपीयूसी छात्रावास और हॉल ऑफ रेजिडेंस (एचओआर) छात्रावास को समर हॉस्टल बनाया है। समर हॉस्टल में शोधार्थियों के साथ उन छात्रों को भी रहने की अनुमति दी जाएगी, जो देश के किसी भी लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं।
इसक अलावा दिव्यांग छात्र-छात्राओं को भी समर हॉस्टल मिलेंगे। केपीयूसी में सात शोधार्थियों के अलावा बाकी सभी छात्रों को वॉशआउट की कार्रवाई के तहत बाहर कर दिया गया है। एएन झा हॉस्टल में शोधार्थी रहते हैं, सो वहां रहने वाले शोधार्थियों की स्क्रीनिंग चल रही है। एचओआर में रहने वाली छात्राओं की भी स्क्रीनिंग हो रही है। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो छात्र समर हॉस्टल में रहने की अर्हता नहीं रखते हैं, उन्हें हॉस्टल से बाहर किया जाएगा और अर्ह छात्र-छात्राओं को हॉस्टलों में शिफ्ट किया जाएगा।