मानहानि की भी लगी धारा
अज्ञात के खिलाफ दर्ज केस में मानहानि की भी धारा लगाई गई है। दरअसल प्रॉक्टर की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि उक्त पोस्ट को वायरल करने का उद्देश्य उन्हें मानसिक प्रताड़ना देना, सामाजिक अपमान व मानहानि करना है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर धाराएं लगाई गई हैं।
क्या लिखा है पत्र में
‘मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय का बीएएलएलबी का छात्र हूं। इविवि का बीते दिनों का रवैया देखकर मन बहुत परेशान हो रहा है। एक तो गलती विवि की है, ऊपर से भीख की तरह हम छात्र प्रमोशन मांग रहे हैं। पूरे दिन धूप में बैठे-बैठे अब मन भी भारी सा होने लगा है। हम गरीब घर के लड़के एक सपना लेकर आए थे। पर प्रत्येक सत्र में हड़बड़ी में सिलेबस जैसे-तैसे पूर्ण करने के दबाव में अब परेशान हो चुका हूं। विवि प्रशासन को चाहिए कि छात्रों को प्रमोट कर सत्र पटरी पर लाया जाए। लेकिन प्रॉक्टर हर्ष कुमार हम छात्रों को परेशान कर रहे हैं। कोई विकल्प भी नहीं दे रहे हैं। अगर इस परेशानी केदबाव में आकर मैं कोई भी कदम उठाऊंगा तो इसके जिम्मेदार प्रॉक्टर होंगे। ’
यह पोस्ट मुझे बदनाम करने व मेरे खिलाफ दुष्प्रचार करने के उद्देश्य से की गई है। विवि में परीक्षा संबंधी निर्णय परीक्षा समिति लेती है और इसमें प्रॉक्टर सदस्य नहीं होता। इस पोस्ट के माध्यम से छात्रों को भड़काकर दंगा कराने की साजिश की जा रही है। - हर्ष कुमार, प्रॉक्टर