इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के संघटक महाविद्यालयों में जल्द ही नए विषयों में पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। इसके लिए कॉलेजों से प्रस्ताव मांगे गए थे। विषय विशेषज्ञों के पैनल ने चार कॉलेजों में निरीक्षण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
विषय विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट जल्द ही कुलपति का सौंपेंगे और इसके बाद एकेडमिक कौंसिल की बैठक में पीएचडी के नए पाठ्यक्रमों पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
इविवि के संघटक महाविद्यालयों में पीएचडी के नए पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के निर्देश पर एक कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी ने संघटक महाविद्यालयों में जाकर सुविधाओं की जानकारी ली।
इसके बाद कुलपति के निर्देश पर विषय विशेषज्ञों के पैनल ने कॉलेजों में जाकर वहां उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी ली। विषय विशेषज्ञों ने यह जांच भी की कि महाविद्यालयों की ओर से अपने प्रस्ताव में जिन सुविधाओं का जिक्र किया था, वह कॉलेजों में उपलब्ध हैं या नहीं हैं।
विशेष विशेषज्ञों के पैनल ने हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज, आर्य कन्या डिग्री कॉलेज, एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज और राजर्षि टंडन गर्ल्स डिग्री कॉलेज का निरीक्षण किया है।
हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज ने समाजशास्त्र, मध्यकालीन इतिहास एवं अंग्रेजी में पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय को प्रस्ताव भेजा था। वहीं, आर्य कन्या डिग्री कॉलेज ने समाजशास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी एवं संगीत गायन से पीएचडी शुरू करने का प्रस्ताव भेजा था। एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज अंग्रेजी, मध्यकालीन इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र से पीएचडी की पढ़ाई शुरू कराने का प्रस्ताव भेजा था।
इसके अलावा राजर्षि टंड गर्ल्स डिग्री कॉलेज ने राजनीति विज्ञान एवं हिंदी विषय से पीएचडी शुरू करने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय को भेजा था। इन चारों महाविद्यालयों के निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उम्मीद है कि अगले सत्र से पीएचडी के नए पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिए जाएंगे।
डीन कॉलेज डेवलपमेंट प्रो. पंकज कुमार का कहना है कि कुलपति के निर्देश पर महाविद्यालयों में नए विषयों में पीएचडी की पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे। विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर एकेडमिक कौंसिल की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।