यह था मामला
याची ने अपने आवेदन में हाईकोर्ट के जनवरी 2021 के आदेश में ज़मानत के लिए दी गई पासपोर्ट सरेंडर करने की शर्त में संशोधन की प्रार्थना की थी। उन्होंने कहा था कि वह एक सरकारी कॉलेज में लेक्चरर हैं और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनारों में भाग लेने वाले एक प्रसिद्ध उर्दू विद्वान लेखक और वक्ता भी हैं।
वह कई पुस्तकों के लेखक और अनुवादक भी हैं और उन्हें कुवैत में एक पुस्तक के विमोचन का निमंत्रण मिला है, जिसके लिए उन्हें विदेश यात्रा करनी पड़ रही है। इसलिए उन्होंने पासपोर्ट जमा करने में छूट दिए जाने की मांग की थी। एक वैवाहिक विवाद के संबंध में उन्हें अंतरिम जमानत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जमा किए गए पासपोर्ट को फिर उन्हें सौंपने के लिए संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिए जाने की मांग की थी।