नौबस्ता कानपुर नगर की किरन सिंह की याचिका को एक लाख रुपये हर्जाने के साथ खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मकान का कब्जा बैंक को सौंपने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि महिला मकान का कब्जा बैंक को वापस नहीं सौंपती तो डीएम उनसे मुआवजा वसूली की कार्रवाई करें। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह ने किरन सिंह की याचिका को खारिज करते हुए दिया है।
मामले में याची ने बैंक द्वारा लोन वसूली में मकान संख्या 3 सी 213/2 आवास विकास हंसपुरम, नौबस्ता की नीलामी ली। उसने 16 लाख 93 हजार रुपये बैंक को दिए। बैनामा कराया और कब्जा लिया। जिसमें वह रह रही है। इस बीच मकान के मालिक ने ऋण वसूली अधिकरण प्रयागराज में वाद दायर किया। अधिकरण ने नीलामी अवैध करार दी और उसे लोन राशि जमाकर मकान का कब्जा वापस लेने का अधिकार दिया तथा याची को मकान का कब्जा बैंक को सौंपने का निर्देश देते हुए कहा कि वह बैंक में जमा नीलामी राशि फिक्स डिपॉजिट ब्याज की दर से वापस ले ले।