prayagraj news : इमामबाड़े के जमीन पर बने शॉपिंग कॉम्लेक्स को ध्वस्त करता पीडीए का दस्ता।
- फोटो : prayagraj
कोतवाली के चौक बताशा मंडी स्थित गुलाम हैदर अली इमामबाड़े की जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए शॉपिंग कॉम्पलेक्स का ध्वस्तीकरण बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। दूसरे दिन शाम सात बजे तक चली कार्रवाई में पोकलैंड मशीन और जेसीबी से कॉम्पलेक्स की सभी दुकानें पूरी तरह से ध्वस्त करा दीं। करीब पांच साल बाद इमामबाड़ा सड़क से दिखा। मौके पर पीडीए के नवागत उपाध्यक्ष अरविंद चौहान भी जायजा लेने पहुंचे।
पीडीए प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक पांडेय के मुताबिक इमामबाड़े की जमीन पर माफिया अतीक अहमद की शह पर जैन बिल्डर ने शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण कराया था। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश पूर्व में जारी किया गया था। बुधवार को अधूरी कार्रवाई को बृहस्पतिवार को पूरा किया गया।
जोनल अधिकारी शिवानी सिंह के मुताबिक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। इमामबाड़े की जमीन खाली करा ली गई है। नगर निगम मलबा हटाकर जमीन समतल कराएगा। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। सुबह दस बजे से शुरू ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शाम करीब सात बजे तक चली। वहां की स्थिति के बारे में उपाध्यक्ष और सचिव को जानकारी देकर प्रवर्तन दल लौट आया। मौके पर पोकलैंड मशीन रोकी गई है। शुक्रवार सुबह सरिया की कटाई और मलबा हटाने का काम किया जाएगा।
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नए वीसी के कार्यकाल में पहली कार्रवाई
पीडीए के नवागत वीसी अरविंद चौहान के कार्यकाल के पहले हफ्ते में ही यह पहली बड़ी कार्रवाई है। बुधवार रात वह लौटे तो ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। बृहस्पतिवार को वह मौके पर पहुंचे। प्रवर्तन दल प्रभारी आलोक पांडेय, जोनल अधिकारी शिवानी सिंह से जानकारी ली फिर वहां से दफ्तर चले गए।
ध्वस्तीकरण अधूरा, बना ली दुकान, क्राउन होटल पर भी कार्रवाई अटकी
प्रयागराज विकास प्राधिकरण भले ही इमामबाडे की जमीन पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया पर उसकी निगाहें अभी अन्य अधूरी कार्रवाइयों पर नहीं पड़ रही है। सील बंद और ध्वस्तीकरण आदेश पारित होने के बाद भी कई बड़ी कार्रवाइयां लंबित हैं। सिविल लाइंस में पत्रिका मार्ग पर जेके होटल के बगल एक भवन ऐसा है, जहां वर्ष 2006 में हादसे के दौरान मजदूरों की मौत हो गई थी।
तब अवैध रूप से भवन को ध्वस्त करने का आदेश पारित किया गया था। दोबारा वहां कार्रवाई हुई ही नहीं। अब मौके पर अवैध भवन के अग्रभाग में शटर लगाकर रंगरोगन करा दिया गया है। पता चला है कि पूर्व में किए गए सौदों को पूरा करने के लिए पीडीए की नाक के नीचे उस भवन में कार्य कराया जा रहा है, जिसे पूरी तरह से ध्वस्त करने का आदेश करीब 15 वर्ष पूर्व पारित किया गया था। दूसरी तरफ रामबाग में नाला पर कब्जा कर मानचित्र के विपरीत बनाए गए होटल क्रॉउन पैलेस को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई पीडीए में लंबित है।
होटल का पिछला हिस्सा नाले पर बना है और अगला भाग पीडीए की तोड़फोड़ से कमजोर हो गया है। पीडीए अफसर इस मामले मेें भी चुप्पी साधे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो होटल में भीतर-भीतर काम चल रहा है। नगर निगम ने नाला खोले जाने का काम भी रोक दिया है। बारिश और बाढ़ की स्थिति में आसपास के क्षेत्र में इस अवैध निर्माण के कारण फिर जलभराव होना तय है।