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प्रयागराज में अलर्ट : खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा यमुना, देर रात पार कर सकती है लाल निशान

Sat, 07 Aug 2021 11:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • गंगा खतरे के निशान से 50 सेंमी और यमुना महज 75 सेंमी नीचे
  • मताटीला बांध से 2.93 लाख और कानपुर बैराज से 2.50 लाख क्यूसेक फिर छोड़ा गया पानी
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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चेतावनी बिंदु पार करने के बाद शनिवार की रात गंगा-यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। राजस्थान के धौलपुर बैराज से छोड़े गए 18 लाख क्यूसेक पानी का दबाव अब किसी भी समय यहां आ सकता है। इस बीच तालबेहट के माताटीला बांध से 2.93 लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ दिया गया। उधर, कानपुर बैराज से भी 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में तेजी बनी हुई है। रात आठ बजे गंगा खतरे के निशान से महज 50सेंमी और यमुना 75 सेमी नीचे बहती रही। जलस्तर में वृद्धि की यही रफ्तार रही तो रविवार की सुबह तक दोनों नदियां खतरे के निशान को पार कर जाएंगी। 

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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
देर रात यमुना का जलस्तर तीन और गंगा का चार सेंमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता रहा। सिंचाई बाढ़ खंड के अभियंताओं के अनुसार पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से बांधों में जलजबाव बढ़ता जा रहा है। माताटीला बांध प्रखंड के अवर अभियंता जीके मौर्या ने बताया पहले बांध से पहले 2.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। लेकिन, जल दबाव बढ़ने पर शनिवार को 2.92 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। फिलहाल अभी 48 घंटे तक जलस्तर में वृद्धि बने रहने की आशंका है।

prayagraj news : गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण छोटा बघाड़ा क्षेत्र में घर में पानी भर जाने से परेशान लोग। - फोटो : prayagraj
कछार में बने दो हजार से अधिक घरों में आई बर्बादी की बाढ़

गंगा-यमुना में उफान के बाद शनिवार को कछार तीन दर्जन से अधिक कॉलोनियां और बस्तियों में बर्बादी की बाढ़ आ गई। इससे दो हजार से अधिक घरों में पानी घुस गया। बाढ़ की मुसीबत में घिरे लोग अब बचाव के लिए रास्ता तलाश रहे हैं। कुछ लोग अनाज,कपड़े और बर्तन लेकर पानी के बीच पहली और दूसरी मंजिल पर या फिर छतों पर गृहस्थी लेकर पहुंच गए हैं, जबकि, सैकड़ों लोगों ने सामान समेट कर दिन भर आटो रिक्शा और ट्रालियों से सुरक्षित स्थानों पर शरण लेते रहे। देर रात कछारी कॉलोनियों की गलियों में पानी भरने से रास्ते बंद हो गए।

prayagraj news : बघाड़ा क्षेत्र में पानी से घिरा मकान। - फोटो : prayagraj
दारागंज इलाके में संगम से नागवासुकी मंदिर को जाने वाली सड़क शनिवार को डूब गई। दारागंज में सब्जी मंडी के पास सरस्वती चौराहा भी डूब गया और निराला चौराहे के पास नाव चलने लगी। इस इलाके में गंगा किनारे बनी सौ से अधिक झोपड़ियां पानी में डूब गई हैं। सड़क के दूसरे किनारे बने पक्के मकानों भी लगभग आठ फीट तक पानी भर गया है।  

prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
कछारी इलाकों में गंगा-यमुना की बाढ़ से शुरू हुई बर्बादी से बचने की मशक्कत शुरू हो गई है। शनिवार की शाम बेली कछार के एक हजार से अधिक घरों में पानी आ गया। बेली की पानी टंकी से पहले गली में पानी आ गया। इसी तरह गंगापुरी में भी सैकड़ों घरों में पानी आने से लोग गृहस्थी समेटने के लिए मजबूर हो गए। बख्शी बांध की तरफ से गंगा की बाढ़ छोटा बघाड़ा में सैकड़ों घरों में घुस गई। बघाड़ा की भी कछार की गलियां पानी आने से बंद हो गईं। इससे दर्जनों घरों में लोग कैद हो गए हैं।

prayagraj news : बाढ़ से गंगा के कछारी इलाके की बस्ती में भरा पानी। - फोटो : prayagraj
कुछ लोगों को नावों के सहारे निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया,जबकि सैकड़ों की तादात में प्रभावित परिवारों ने छतों पर गृहस्थी बचाने की मशक्कत शुरू कर दी है। दारागंज श्मशान घाट डूबने से अंतिम संस्कार अब बांध की ऊंचाई पर होने लगा है। शनिवार रात आठ बजे तक तक छावनी क्षेत्र के ओल्ड कैंट हाईस्कूल में दौ सौ से अधिक परिवारों ने शरण ली। इसी तरह ऋषिकुल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के राहत शिविर में भी दो दर्जन परिवारों ने शरण ले ली है।

prayagraj news : बाढ़ के चलते लोगों का पलायन शुरू हो गया है। - फोटो : prayagraj
पानी आने के बाद भी तमाम लोग अभी घरों को नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे लोग अपने मकान की दूसरी या तीसरी मंजिल पर शिफ्ट कर गए हैं। बेली कछार के वीरेंद्र कौशिक बताते हैैं कि सैकड़ों परिवारों ने पानी से घिरने के बाद भी छतों पर डेरा डाल दिया है। लोगों को आस है कि पानी जल्द घट जाएगा और उन्हें राहत मिल जाएगी। इसी तरह नेवादा के राजा बाबू बताते हैं कि गलियों में पानी आने से रास्ते बंद हो गए हैं। अब इन क्षेत्रों में दूध और सब्जियों के लिए भी संकट पैदा हो गया है। 

prayagraj news : गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण छोटा बघाड़ा क्षेत्र में घर में पानी भर जाने से परेशान लोग। - फोटो : prayagraj
बाढ़ से घिरे कछार के क्षेत्र
बेली कछार, गंगापुरी, नेवादा कछार, अशोक नगर कछार, द्रोपदी घाट, म्योराबाद, जोंधवल, शंकरघाट, बघाड़ा, चांदपुर-सलोरी, राजापुर, ऊंचवागढ़ी, शिवकुटी, कैलाशपुरी कालोनी, चिल्ला कछार, दशाश्वमेध घाट, रामघाट, नागवासुकि, बख्शी खुर्द, नीवां, छतनाग, बदरा सोनौटी, हेतापट्टी, शांतिपुरम समेत दर्जनों इलाकों में पानी घुस गया है। वहीं, यमुना का जलस्तर बढ़ने से लगे करेलाबाग, गौसनगर, सदियापुर मोहल्लों में पानी घुसने लगा है।

ये इलाके भी हुए जलमग्न

शृंगवेरपुर, कौड़िहार, फाफामऊ, थरवई, झूंसी, नैनी, कोटवां, बेलवार, कतवारीपुर, सिरसा, हंडिया, करछना, औद्योगिक क्षेत्र के आसपास के कछारी इलाके जलमग्न हो गए हैं। इन इलाकों में किसानों की हजारों एकड़ भूमि पर धान की फसल डूब गई है।इसके अलावा कछार में सब्जियों की भी फसल डूब गई।
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prayagraj news : तेजी से बढ़ रहा है गंगा-यमुना का जलस्तर। - फोटो : prayagraj
रात आठ बजे का जलस्तर

-खतरे का निशान: 84. 73 मीटर
-चेतावनी बिंदु: 83.73 मीटर

गंगा
फाफामऊ- 84. 23 मीटर 
छतनाग- 83.46 मीटर

यमुना

नैनी- 83.98 मीटर

-बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर: 0532-2641577, 264157
-बाढ़ नियंत्रण प्रभारी उपजिलाधिकारी सदर- 9454417814
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