सबसे अधिक पैरासिटामॉल की बिक्री हो रही है। इसके अलावा एंटीबॉयोटिक और एंटी एलर्जिक दवाओं का सेवन बढ़ा है। दुकानों पर लोग एंटीबॉयोटिक में एमाक्सीसाइक्लीन, ओफ्लॉक्सीन, एजिथ्रोमाइसीन और एंटीएलर्जिक में सिट्रिजन, लियोसिट्रिजिन, एविल, इथ्रोनोलॉज आदि दवाओं की मांग ज्यादा कर रहे हैं। इसके अलावा खांसी के लिए कफ सीरप, मलेरिया के उपचार में काम आने वाली लेरियागो टैबलेट अधिक बिक रही है।
इसके पहले कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल और मई में पैरासिटामॉल सहित एंटीबायोटिक दवाओं की मांग में तेजी से उछाल आया था। एजिथ्रोमाइसिन, डॉाक्सीसाइक्लीन , कफ सीरप, पैरासिटामाल, विटामिन सी आदि के खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी थी। उस समय इन दवाओं की बिक्री दोगुना से अधिक हो गई थी, लेकिन मई के बाद इन दवाओं की बिक्री में भारी गिरावट आई थी। अनिल द्विवेदी के मुताबिक बारिश शुरू होने के साथ ही पैरासिटामॉल सहित एंटीबॉयोटिक और एंटीएलर्जिक दवाओं की डिमांड अचानक बढ़ गई। जुलाई के दूसरे सप्ताह से इसमें इजाफा होता गया और इस समय यह पीक पर है।