आधा दर्जन से अधिक बड़े अफसरों पर भी लटकी तलवार
इसके अलावा करीब आधा दर्जन से अधिक बड़े अफसरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। ऐसे में इस पदावनत आदेश का क्रियान्वयन न होने देने के लिए अवर अभियंताओं ने ताकत लगा दी है। प्रमुख अभियंता नियोजन की कार्रवाई के बाद पदावनत किए गए अभियंताओं ने लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद के दफ्तर का भी चक्कर काट रहे हैं। राजनीतिक दबाव बनाकर इस आदेश को बदलवाने की कोशिशें की जा रही हैं।
अफसरों के मुताबिक लिपिकीय संवर्ग की प्रोन्नति के लिए जारी नियमावली के तहत जेई के 95 फीसदी पदों को आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती के जरिए भरा जाना था। जबकि, पांच प्रतिशत पदों पर विभाग में नियुक्त समूह ग के लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति दी जानी थी। लेकिन, पदोन्नति में मानक का ध्यान नहीं रखा गया।
इस मामले में नियुक्ति से पहले डिप्लोमा का सक्षम संवैधानिक संस्था से सत्यापन भी नहीं करवाया गया। ऐसे में योगी आदित्यनाथ सरकार की दूसरी पारी में इस मामले की शिकायत की जांच कराने के बाद शासन ने हाल में ही इन अवर अभियंताओं को अपने मूल लिपिक पदों पर पदावन करने का आदेश जारी किया था।
कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में अवर अभियंता
पदावनत किए गए अवर अभियंता अब राहत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। इस मामले में लिपिकों को नियम विरुद्ध जेई बनाने वाले अफसरों पर गाज गिर सकती है। ऐसे में पदावनत किए गए अवर अभियंता मूल पदों पर जाने की बजाए कोर्ट की शरण ले सकते हैं। चर्चा है कि इसीलिए अवर अभियंताओं ने मूल पदों पर ज्वाइन करने की बजाए चिकित्सा अवकाश ले लिया है।