एसएसपी कार्यालय पर सोमवार दोपहर ससुरालियों के उत्पीड़न से तंग एक महिला ने खुद पर केरोसिन छिड़कर आग लगाने की कोशिश की। समय रहते दफ्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों की नजर पड़ गई और घेराबंदी कर उसे रोक लिया। बाद में महिला को जनसुनवाई कर रहे एसपी यातायात से मिलवाया गया, उन्होंने महिला की बात सुन उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
मूल रूप से हापुड़ की महिला आयशा खान का दूसरा निकाह पिछले वर्ष अक्तूबर में सासनी गेट के युवक से हुआ। कुछ समय बाद से ही दंपती में अनबन शुरू हो गई। महिला का आरोप है कि उसका शौहर उसे अपने घर नहीं रखता, बल्कि बहन के घर खता है। जहां उस पर उसका बहनोई बुरी नीयत रखता है। इसे लेकर उसने अपने शौहर से शिकायत भी की, लेकिन उसकी बात को अनसुना कर दिया गया। साथ में अन्य तरह का उत्पीड़न भी किया जा रहा है। इन बातों को लेकर 22 जून को महिला ने पुलिस से शिकायत की थी। नियम के अनुसार पारिवारिक विवाद के इस मामले में काउंसलिंग चल रही है। लेकिन महिला तत्काल आरोपियों को जेल भिजवाना चाहती है। इसी मुद्दे पर खफा होकर महिला थाना पुलिस से मदद न मिलने का आरोप लगाकर वह दोपहर में एसएसपी दफ्तर पहुंची। जहां उसने केरोसिन अपने ऊपर छिड़क लिया और आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों व महिला पुलिस ने उसे घेर लिया और आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया।
तत्काल महिला को जनसुनवाई कर रहे एसपी यातायात सतीश चंद्र से मिलवाया गया। उन्होंने महिला की बात सुनने के बाद ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसपी यातायात का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पारिवारिक विवाद में जब तक जाहिर हिंसा की घटना न हो, तब तक काउंसलिंग के जरिये परिवारों को मिलाने का प्रयास होता है। मामले में भी वही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। महिला डिप्रेशन में है। उसे समझाया गया है। मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है। महिला थाना प्रभारी को निर्देशित किया है कि अगर काउंसलिंग की समीक्षा में लग रहा है कि मुकदमा दर्ज कर लिया जाए तो तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए।