वर्ष 1965-66, 1973-74, 1988-1989, 1996, 2000-2003, 2007-2010, 2013-14, 2015-16, 2019-2023 में छात्रसंघ का चुनाव नहीं हो सका। वर्ष 2023 में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों ने 50 दिन बाबे सैयद पर धरना भी दिया था। सर सैयद डे पर भी बाबे सैयद बंद रहा।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में नए शैक्षिक सत्र में छात्रसंघ चुनाव की आवाज उठेगी। नया सत्र जुलाई से शुरू हो रहा है। वर्ष 2019 से छात्रसंघ का चुनाव नहीं हुआ है। कोरोना काल और कार्यवाहक कुलपति की वजह से चुनाव नहीं हो सका।
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अब स्थायी कुलपति के रूप में प्रो. नईमा खातून यूनिवर्सिटी की बागडोर संभाल रही हैं। ऐसे में छात्र नेता चुनाव को लेकर एक बार फिर बिगुल फूंकेंगे। वर्ष 1920 में बनी यूनिवर्सिटी ने देश को अच्छे राजनेता भी दिए हैं। इनमें केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान शामिल हैं, जो यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के सचिव और अध्यक्ष भी रहे। इनके अलावा पूर्व राज्यसभा सदस्य मोहम्मद अदीब भी छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं।
इसी इदारे से निकले छात्रनेता नफीस अहमद भी हैं, जो विधायक हैं। वह भी छात्रसंघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्ष 1965-66, 1973-74, 1988-1989, 1996, 2000-2003, 2007-2010, 2013-14, 2015-16, 2019-2023 में छात्रसंघ का चुनाव नहीं हो सका। वर्ष 2023 में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों ने 50 दिन बाबे सैयद पर धरना भी दिया था।
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सर सैयद डे पर भी बाबे सैयद बंद रहा। अतिथियों को दूसरे रास्ते से होकर सर सैयद गुलिस्ताने पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। छात्र नेता मोहम्मद सलमान गौरी ने कहा कि नए शैक्षिक सत्र में छात्रसंघ चुनाव की मांग करेंगे, उम्मीद है कि चुनाव भी होगा। छात्र नेता जानिब हसन ने कहा कि छात्रसंघ का चुनाव नए सत्र में कराने की आवाज बुलंद करेंगे। छात्रसंघ चुनाव वर्ष 1920-21 में शुरू हुआ था। पहले अध्यक्ष केएम खुदा बक्श बने थे। अंतिम चुनाव वर्ष 2018 में हुआ, जब अध्यक्ष मोहम्मद सलमान इम्तियाज चुने गए थे।