Mahindra Armored Light Specialist Vehicle
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एक फरवरी को पेश किए 2021-22 के आम बजट में नई कबाड़ नीति की घोषणा होने के बाद बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नीति को लागू करने का फरमान सुना दिया है। इस नई कबाड़ नीति से जिले के 109270 वाहन स्वामियों के मन में हलचल पैदा हो गई है। यह सभी वाहन अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं। अब इनको पुन: रजिस्ट्रेशन के लिए कड़े नियमों वाले फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा। अगर, फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाए तो इनको कबाड़ घोषित करते हुए सड़कों से हटा दिया जाएगा। फिटनेस टेस्ट में वाहन के इंजन से लेकर बॉडी तक चेक होगी। अगर, थोड़ी भी कमी पाई गई तो वाहनों को कबाड़ घोषित कर दिया जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारी सरकारी गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल सामान्य फिटनेस नियम के तहत ही वाहनों की फिटनेस की जा रही है। पुराने वाहनों के स्वामी जानकारी लेने के लिए परिवहन विभाग के चक्कर काट रहे हैं। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इतना साफ किया था कि 20 साल से अधिक निजी व 15 वर्ष से अधिक पुराने व्यावसायिक वाहनों को कंपनी में जमा कर नया वाहन खरीदने पर पांच फीसदी की रियायत मिलेगी।
मगर, वाहन स्वामी अभी भी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इस पांच फीसदी रियायत का आंकलन किस आधार पर होगा। अगर, कोई अपने वाहन का पंजीकरण आगे बढ़ाना चाहता है तो उसे ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर से किस प्रकार प्रमाणपत्र मिलेगा। कितना ग्रीन टैक्स लिया जाएगा, अन्य करों में क्या इजाफा या कटौती होगी।
बता दें कि इस नीति के तहत 20 साल पुराने निजी व 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहनों आ रहे हैं। जिले में 101998 वाहन निजी 20 साल पुराने हैं। वहीं, 7272 वाहन व्यावसायिक हैं, जो कि 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं। आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि बजट में नई कबाड़ नीति की स्पष्ट गाइडलाइन आने का इंतजार है। गाइड लाइन आने के बाद वाहन स्वामियों को इसके विषय में सूचना सार्वजनिक की जाएगी।
जिले में 20 साल पुराने निजी वाहन
मोपेड 13117
मोटर साइकिल 67811
कार 5148
ट्रैक्टर 15922
जिले में 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहन
ट्रक 5052
बस 1044
तीन पहिया वाहन 1089
ट्रैक्टर 50
एंबुलेंस 16
ट्रेलर 4
मैक्सी कैब 4
कैश वैन 4
क्रेन 4
मोटर कैब 28
अन्य वाहन 4