भाइयों के लिए राखियां खरीदतीं महिलाएं।
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रक्षाबंधन का त्योहार रविवार को पड़ रहा है। भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों को पूरे दिन में दो शुभ संयोग मिल रहे हैं। पहले संयोग में सुबह छह बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक चर, लाभ, अमृत के तीन चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, जबकि दूसरे संयोग में शाम 4.50 बजे से 6.20 बजे तक भी शुभ चौघड़िया मुहूर्त मिलेगा। दोनों ही संयोग में राखी बांधना सर्वोत्तम समय होगा।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन को राखी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। सुबह 6 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक राखी बांधने का समय सबसे अच्छा रहेगा। शाम को 04.50 से 06.20 बजे तक चौघड़िया में भी माताएं और बहनें राखी बांध सकती हैं। हिंदु परंपरा के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा-सूत्र या राखी बांधती हैं। वे भाइयों के दीर्घायु, समृद्धि की कामना करती हैं। जबकि भाई अपनी बहनों को उपहार और उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं। उन्होंने बताया कि मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण के हाथ में चोट लगने के बाद द्रौपदी ने अपनी साड़ी से कपड़ा बांधा था। इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने हमेशा उनकी रक्षा करने का वचन दिया था। इसी प्रकार अन्य प्रसंगों का जिक्र शास्त्रों में मिलता है। इस त्योहार को राखी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।