कौशल कुमार ओझा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर पिछले ढाई महीने में 60 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जबकि मांग 120 करोड़ रुपये से अधिक की है। मूर्ति कारोबारियों का कहना है कि अलीगढ़ से दूसरे प्रदेशों दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट, कर्नाटक के अलावा यूपी के कई शहरों में मूर्ति की आपूर्ति होती है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में यहां के छोटे व मझोले उत्पादक मूर्ति निर्माण कर मथुरा एवं वृंदावन भेजते हैं। दिल्ली एवं कुछ दूसरे शहरों के निर्यातक एवं बड़े कारोबारी भी यहां से माल मंगाते हैं।
30 अगस्त 2021 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। अलीगढ़ में निर्मित पीतल के लड्डू गोपाल, कृष्ण, राधारानी और कृष्ण, माखन खाते कृष्ण, गाय के साथ कृष्ण, कदम के वृक्ष के नीचे कृष्ण की मूर्तियों की पूरे देश में मांग रहती है। इस बार मूर्तियों की मांग इतनी अधिक है कि निर्माता पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। मांग के सापेक्ष मुश्किल से 50 से 60 प्रतिशत ही आपूर्ति कर पा रहे हैं। मूर्ति के दिग्गज कारोबारी भी इस बार सही आकलन नहीं कर पाए। दरअसल कोरोना महामारी के कारण पिछले 17 महीने से कारोबार संकट की दौर से गुजर रहा है। दूसरी लहर के दौरान (अप्रैल-मई महीने में) कोरोना कर्फ्यू से स्थिति और दयनीय स्थिति में पहुंच गई थी। ऑक्सीजन संकट के कारण मूर्ति उत्पादन का काम थम गया था। मूर्ति निर्माण में ऑक्सीजन का इस्तेमाल होता है। पीतल का भाव भी बढ़ रहा था। तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही थी। उत्पादकों को यह भी उम्मीद नहीं थी कि मूर्तियों की मांग में इजाफा होगा। ऐसी स्थिति में मूर्ति उत्पादक किसी तरह की जोखिम उठाने से बचते रहे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मूर्तियों की जबर्दस्त मांग है। मुश्किल से 50 से 60 प्रतिशत आपूर्ति कर पा रहे हैं। देश के बड़े कारोबारियों के पास स्टाक नहीं है। पिछले साल कोरोना के कारण माल नहीं गया था। तीसरी लहर की आशंका से उत्पादक सहमे थे, इसलिए हाथ खींचकर काम कर रहे थे।
- मोहित अग्रवाल, मूर्ति कारोबारी
किसी को उम्मीद नहीं थी कि इस बार मूर्तियों की इतनी अच्छी डिमांड निकल कर आएगी। हमलोग मुश्किल से 60 से 70 प्रतिशत मूर्ति की आपूर्ति कर पा रहे हैं। महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में श्रीकृष्ण की मूर्ति की जबर्दस्त मांग है। अच्छी बात यह है कि विभिन्न शहरों में दुकानदारों के पास काफी ग्राहक पहुंच रहे हैं।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, मूर्ति कारोबारी
गांव-कस्बे में पहुंच रही मूर्ति
अलीगढ़। ऑनलाइन कारोबार के कारण अलीगढ़ की मूर्तियां देश के सुदूर गांव-कस्बों में पहुंच रही हैं। मूर्ति कारोबारी मोहित अग्रवाल कहते हैं कि टीवी के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं लड्डू गोपाल की पूजा दूसरे प्रदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है। अमेजन के माध्यम से लोग मूर्ति मंगा रहे हैं। उन गांव एवं कस्बों में मूर्तियां जा रही है, जिसका कभी नाम तक नहीं सुना था।
अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, सऊदी अरब आदि देशों में रहने वाले अलीगढ़ के निवासी यहां से पोशाक एवं शृंगार के सामान मंगाते हैं। सबसे अधिक फैंसी ड्रेस की मांग होती है। विदेश में लड्डू गोपाल के ड्रेन नहीं मिलते हैं। कुछ लोग तो छुट्टी में आते हैं तो महीनों पहले लड्डू गोपाल के सामान खरीद कर ले जाते हैं।
- विकास माहेश्वरी, लड्डू गोपाल एवं देवी-देवताओं की पोशाक व अन्य सामानों के विक्रेता
पोशाक के काम में रम गए इरफान
अलीगढ़। क्वार्सी क्षेत्र निवासी इरफान अहमद लड्डू गोपाल एवं हिंदू देवी-देवताओं के पोशाक के काम में रम गए हैं। उन्हें इस काम में बहुत आनंद आता है। इसके साथ ही रोज 400-500 रुपये कमा लेते हैं। इरफान कहते हैं कि 30 वर्ष से पोशाक का काम कर रहे हैं। मूलरूप से मथुरा के रहने वाले हैं। यहां चार साल से रह रहे हैं।
बाजार में लड्डू गोपाल की धूम....
लड्डू गोपाल की न्यू लुक वाली मूर्ति, कोलकाता एवं सूरत की फैंसी पोशाक, जड़ी वाली पोशाक, लड्डू गोपाल का ट्रेवलिंग बैग, स्कूल बैग, मच्छरदानी, मास्क, कूलर, पंखे, एसी, राखी, इत्र, स्प्रे, मंदिर के पर्दे, आसन, लड्डू गोपाल के इंडोर गेम, खिलौने, गुजराती मीने के फैंसी झूले, कोलकाता के मोती के झूले, फैंसी फूल बंगले, गाय-बछड़े के सेट, भोग की थाली, माखन-मटकी, बच्चों की श्रीकृष्ण-राधा के फैंसी ड्रेस आदि...
भाव...
लड्डू गोपाल - 90 से 2 हजार रुपये
पोशाक - 5 रुपये से 5 हजार रुपये तक
शृंगार - 20 से 2 हजार रुपये तक
ट्रैवलिंग बैग - 300-400 रुपये
कूलर-पंखे - 250 से 300 रुपये
स्कूल बैग - 100 से 200 रुपये
स्प्रे - 100-300 रुपये
सैंपू - 40 रुपये
इंडोर गेम - 20 से 150 रुपये
झूले - 80 से 3500 रुपये
सिंहासन - 50 से 2 हजार रुपये
फूल बंगले - 200 से 2 हजार रुपये
भोग की थाली - 150 से 400 रुपये
चौकी - 25 से 700 रुपये
माखन-मटकी - 80-100 रुपये
बच्चों की कान्हा ड्रेस - 100 से 3500 रुपये
पीतल के तुलनात्मक भाव...
पीतल 16 अगस्त 2020 19 अगस्त 2021
सिल्ली 305 रुपये प्रति किलो 458 रुपये प्रति किलो
सीट कटिंग 335 रुपये प्रति किलो 485-490 रुपये प्रति किलो
इन राज्यों में सबसे अधिक मांग... उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, महाराष्ट, कर्नाटक।