फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ः दिसंबर 2020 के बाद से नहीं चला बड़ा अभियान...अवैध होर्डिंग से पटा महानगर

विज्ञापन
सासनी गेट चौराहे पर लगे अवैध होर्डिंग। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
कौशल कुमार ओझा
विज्ञापन

अलीगढ़ स्मार्ट सिटी की सुंदरता में अवैध होर्डिंग्स दाग की तरह हैं। नियमों को ताक पर रखकर सड़क एवं सार्वजनिक स्थलों पर ये होर्डिंग लगा दिए गए हैं। नगर निगम ने शहर में दिसंबर 2020 में वृहद अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था, लेकिन उसके बाद से बड़ा अभियान नहीं चलने के कारण जगह-जगह ये होर्डिंग, बैनर और पोस्टर लग गए हैं, जो शहर की खूबसूरती को बिगाड़ रहे हैं।
दिसंबर के पहले सप्ताह में शहर में वृहद स्तर पर अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान जाम लगने से सासनी गेट क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी निवासी बच्ची यशवी की मौत हो गई थी। विरोध में जमकर हंगामा हुआ था। इसके बाद से नगर निगम की ओर से वृहद स्तर अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलाया गया है। इसी के चलते लोगों ने जहां-तहां अवैध होर्डिंग और बैनरों से शहर को पाट दिया है। महानगर का रामघाट रोड अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर आदि से अटा पड़ा है। यूनिपोल ही नहीं बल्कि विद्युत पोल पर भी होर्डिंग, बैनर लगा दिए गए हैं। दीवारों पर पोस्टर चिपका दिए गए हैं। इनमें से कई तो इतने असुरक्षित हैं कि आंधी-पानी में जानलेवा साबित हो सकते हैं। शहर के जीटी रोड का भी यही हाल है। आगरा रोड, मथुरा रोड, अनूपशहर रोड पर भी सड़क किनारे अवैध होर्डिंग एवं पोस्टर लगे हैं। 14 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर से करीब बीस किलोमीटर दूर लोधा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने आए थे। उस समय तो शहर से लेकर लोधा तक सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से होर्डिंग एवं पोस्टर लगा दिए गए थे। नेताओं के जन्मदिन से लेकर धार्मिक त्योहार एवं चुनाव के समय भी सड़क किनारे एवं सार्वजनिक स्थल होर्डिंग एवं पोस्टर से भर जाते हैं।
विज्ञापन

नगर निगम को प्रति वर्ष 2.25 करोड़ रुपये की होती है कमाई
होर्डिंग, बैनर और पोस्टर से नगर निगम की आय भी होती है। वर्तमान में शहर में 180 यूनिपोल लगे हैं। 3.65 करोड़ रुपये में एक एजेंसी को यूनिपोल का ठेका दो साल के लिए दिया गया है। इसी तरह विद्युत पोल आदि पर फ्लैक्स, छोटे बैनर, पोस्टर आदि लगाने के लिए एक एजेंसी को 84 लाख रुपये में दो साल का ठेका दिया गया है। इस हिसाब से नगर निगम को प्रति वर्ष होर्डिंग व पोस्टर आदि से करीब 2.25 करोड़ रुपये की कमाई होती है।
नगर निगम नहीं दे रहा जवाब
करीब एक महीने पहले आरटीआई के तहत नगर निगम से यूनिपोल लगाने से संबंधित नियमावली मांगी थी। लेकिन सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। पूछा गया था कि चौराहे पर सड़क से यूनिपोल की दूरी कितनी होनी चाहिए। यूनिपोल की ऑडिट रिपोर्ट, यूनिपोल की ऊंचाई, दो यूनिपोल के बीच की दूरी, शहर में लगे अवैध होर्डिंग की संख्या, अब तक कितने लोगों को नोटिस दिया गया और कितनों पर कार्रवाई की गई है। दरअसल, अवैध होर्डिंग एवं बैनर-पोस्टर से सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यातायात में व्यवधान उत्पन्न होता है।
- संजीव कौशिक, आरटीआई एक्टिविस्ट
शहर में होर्डिंग लगाने के लिए कुछ बिंदु तय किए हैं। वहीं पर होर्डिंग लगाने की अनुमति है। कुछ जगहों पर यूनिपोल लगे हैं। सड़क के डिवाइडर पर कियोस्क लगाए गए हैं, जहां पोस्टर आदि लगाए जाते हैं। राजनीतिक दलों के बैनर-पोस्टर सामान्यत: अवैध होते हैं। जन्मदिन, त्योहार पर बधाई व विभिन्न दलों के नेताओं के स्वागत के लिए लगने वाले अधिकतर होर्डिंग आदि भी अवैध होते हैं।
विज्ञापन

- अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
शहर में लगे अवैध होर्डिंग व पोस्टर आदि के खिलाफ अभियान चलते रहते हैं। नगर निगम के पास सीमित संसाधन है। हमलोग अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने जा रहे हैं। जल्द ही अभियान चलाकर नियम व मानक का उल्लंघन कर लगाए गए होर्डिंग को हटवाएंगे।
- गौरांग राठी, नगर आयुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें