धनु एवं मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करने से खरमास लग गया है। खरमास 14 मार्च को दोपहर 12:36 से शुरू होकर एक माह तक रहेगा। इसमें कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। विवाह भी नहीं होंगे। 13 अप्रैल की रात्रि 09:05 तक खरमास रहेगा। जिसके बाद विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
धनु और मीन राशि में सूर्य के प्रवेश करने से 14 मार्च को खरमास शुरू हो गया। अब एक माह तक काई भी मांगलिक कार्य नहीं होगा। इस बार चैत्र नवरात्रि खरमास में शुरू हो रहे हैं। खरमास के खत्म होने के बाद ही शहनाई गूजेंगी।
विज्ञापन
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरू रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि धनु एवं मीन राशि में सूर्य देव के प्रवेश करने से खरमास लग गया है। खरमास 14 मार्च को दोपहर 12:36 से शुरू होकर एक माह तक रहेगा। इसमें कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। विवाह भी नहीं होंगे। 13 अप्रैल की रात्रि 09:05 तक खरमास रहेगा। जिसके बाद विवाह, मुंडन, हवन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
विज्ञापन
खरमास के बाद विवाह के मुहूर्त
अप्रैल में 18, 20, 21, 22, 23, 25, 26
मई और जून में नहीं होंगे विवाह
जुलाई में 09, 11, 12, 13, 14, 15, 17
अगस्त, सितंबर, अक्टूबर में नहीं होंगे विवाह
नवंबर में 17, 18, 23, 25, 27, 28
दिसंबर में 2, 3, 4, 6, 7, 10, 11, 14
खरमास में ये न करें
जब भी हम कोई मांगलिक कार्य करते हैं तो उसके फलित होने के लिए गुरु का प्रबल होना जरूरी है। धनु एवं मीन बृहस्पति ग्रह की राशियां हैं। खरमास के समय सूर्य इन दोनों राशियों में होते हैं, इसलिए शुभ कार्य नहीं होते। खरमास में गृह प्रवेश, गृह निर्माण, नए बिजनेस का प्रारंभ, शादी, सगाई, वधू प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।
इस बार खरमास में नवरात्रि
इस बार नवरात्रि का प्रारंभ खरमास में हो रहा है। चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। इसी बीच में चैत्र नवरात्रि पूजा पाठ कलश स्थापना सुबह से ही प्रारंभ हो जाएंगे । इस दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना प्रारंभ होगी। चैत्र नवमी 17 अप्रैल को होगी।