शहर में हनुमान चालीसा के पाठ के साथ ही लाउडस्पीकर साउंड लगाने के एलान के बाद शनिवार को हनुमान जयंती के दिन पुलिस-प्रशासन बेहद सतर्क रहा। इस दौरान बन्नादेवी के सराय हकीम में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजने पर पुलिस पहुंच गई। इसको लेकर वहां हंगामा हो गया और वहां जाम जैसे हालात पैदा हो गए।
हनुमान जन्मोत्सव पर शनिवार को सराय हकीम के मुख्य बाजार में भाजयुमो के महानगर मंत्री हर्षद हिंदू ने अपने प्रतिष्ठान पर हनुमान चालीसा के लिए साउंड सिस्टम लगा दिया। कुछ ही देर बाद वहां बन्नादेवी के प्रभारी निरीक्षक सुभाष बाबू फोर्स के साथ पहुंच गए। आरोप है कि इलाका पुलिस ने लगे लाउडस्पीकर को हटाने के लिए आसपास के व्यापारियों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
इतना ही नहीं, न हटाने की दशा में मुकदमे की भी धमकी दी। इसको लेकर भाजयुमो के हर्षद हिंदू, विशाल देशभक्त, अरुण महादेव, रोहन, प्रशांत आदि आ गए और उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और लाउडस्पीकर को दोबारा चलवा दिया। उन्होंने कहा कि हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान चालीसा नहीं बजेगा तो फिर कब बजेगा? इसी बीच भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष अमन गुप्ता, उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी, शशांक, पीयूष आदि भी आ गए।
उन्होंने भी पुलिस के धमकाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। हंगामे के चलते बाजार में जाम जैसे हालात पैदा हो गए। हर्षद हिंदू ने कहा वर्षों से जब मुस्लिम लोगों के अजान से कोई दिक्कत नहीं है तो फिर लाउडस्पीकर से होने वाली पूजा से किसी को भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यहां पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया।
अभी नहीं मिली चौराहों पर लाउडस्पीकर की अनुमति
शहर के 21 चौराहों पर लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने के मामले में प्रशासन ने अभी तक अनुमति नहीं दी है। एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल व एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्व प्रदेश मंत्री बलदेव चौधरी उर्फ सीटू के साथ बातचीत की। हालांकि, बल्देव चौधरी ने साफ कहा कि इस मामले में अभी प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता में तय हुआ है कि शासन के निर्देशानुसार निर्णय लिया जाएगा। उधर, पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमित के कहीं भी लाउडस्पीकर नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर शहर का माहौल खराब नहीं होने देंगे। एडीएम सिटी ने बताया कि लाउडस्पीकर प्रकरण में बातचीत के जरिए हल निकालने का प्रयास करते हुए समझाया गया है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बारे में भी उन्हें जानकारी दी गई है।