गांधीपार्क बस स्टैंड से ऑटो सवार महिला यात्री से अकराबाद में हुई गैंगरेप व लूट की घटना के दो और फरार आरोपी दबोच लिए गए। पिछले 36 घंटे से लगातार भागदौड़ कर रही पुलिस टीम को शनिवार को यह सफलता हाथ लगी। शुक्रवार रात हुई मुठभेड़ में फरार ऑटो चालक के दोनों साथी अकराबाद क्षेत्र में ही घेराबंदी के दौरान मिल गए। जिनसे पूछताछ जारी है। वहीं रात में मुठभेड़ में दबोचा गया मुख्य आरोपी शनिवार को डॉक्टर से परामर्श के बाद जेल भेज दिया गया।
वाकया बृहस्पतिवार रात का है, जब दिल्ली से चलकर गांधीपार्क बस स्टैंड आई महिला अपने गांव जाने के लिए ऑटो में सवार हुई। तभी उसके साथ ऑटो चालक व उसके दो साथियों ने अकराबाद ले जाते समय नानऊ-पिलखना रोड पर एकांत में दुष्कर्म व लूट को अंजाम दिया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मौका मुआयना कर एसपी देहात व एसपी सिटी की अगुवाई में चार टीमों को लगाया। पुलिस टीमों ने रात भर और शुक्रवार को दिन भर के प्रयास के बाद मुख्य आरोपी यूसुफ की पहचान कर ली और शुक्रवार देर रात मुठभेड़ में नानऊ के पास उसे दबोच लिया। इस दौरान उसके दोनों साथी भागने में सफल रहे। इधर, जख्मी यूसुफ अस्पताल में भरती कराया।
शुक्रवार को भी रात भर चली घेराबंदी, दिन में मिले
इसके बाद पुलिस टीमें इलाके में ही घेराबंदी किए रहीं। इस दौरान टीमों ने शुक्रवार पूरी रात टीमों ने पूरे क्षेत्र की कांबिंग जारी रखी। उम्मीद थी कि दोनों पैदल हैं और कहीं निकल नहीं पाएंगे। इसी का परिणाम रहा कि शनिवार को दिन में एक आरोपी को उकावली बंबा के पास और दूसरे को अकराबाद की ओर जाते समय दबोच लिया गया। चूंकि, दोनों के फोटो भी पुलिस के पास आ गए थे, इसलिए उनको पहचानने में भी ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। थाने लाकर हुई पूछताछ में दोनों ने यूसुफ के साथ वारदात करना स्वीकारा। ऊकावली बंबा से गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम जीवनगढ़ गली नंबर एक निवासी आजाद व दूसरे ने तौहीद बताया।
दुष्कर्म का नहीं था कोई प्लान, अचानक बिगड़ी नीयत
इन दोनों ने पूछताछ में वही बात स्वीकारी है जो यूसुफ ने बताई थी। स्वीकारा कि उन्होंने पहले क्वार्सी पर शराब पी और फिर अनूपशहर रोड या रामघाट रोड पर सवारी न मिलने पर वे गांधीपार्क आए। यहां से सवारी मिलने पर वे उसे ले जा रहे थे। नशे में रास्ते में लूटने का प्लान बना। मगर अचानक यूसुफ की नीयत बिगड़ गई और जब यूसुफ ने इशारों-इशारों में कहा तो वे भी सहमत हो गए। तीनों की नीयत बिगड़ी और नशे में होने के कारण महिला संग दुष्कर्म किया। इस दौरान यूसुफ ऑटो चलाता रहा, जबकि वे दोनों उसे मुंह व गला दबाकर कब्जे में किए रहे। जैसे ही एकांत आया तो तीनों ने दुष्कर्म किया और लूट के बाद रास्ते में फेंककर भाग गए।
आजाद पहले भी मुठभेड़ में गया था जेल
पुलिस रिकार्ड के अनुसार उजागर हुआ कि आजाद पहले भी एक मुठभेड़ में जेल जा चुका है। उस पर अकराबाद में, तोहीद पर महुआ खेड़ा व अकराबाद में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं यूसुफ पर भी अकराबाद में मुकदमे दर्ज हैं। अब इन तीनों पर महिला से लूट व दुष्कर्म का, पुलिस मुठभेड़ व आर्म्स एक्ट आदि के मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
बदायूं, हाथरस, कासगंज बॉर्डर तक कांबिंग, 500 सीसीटीवी देखे
बृहस्पतिवार रात 11:30 बजे हुई घटना के बाद से लेकर आरोपियों की पहचान करने तक पुलिस ने पिछले 36 घंटे में करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी चेक किए और 200 से ज्यादा संदिग्धों को ऑटो में देखकर पूछताछ के लिए रोका। इस दौरान उनके ऑटो चेक किए। इसके बाद शुक्रवार रात जब मुठभेड़ हो गई और फिर फरार आरोपियों की तलाश शुरू हुई तो बदायूं, हाथरस व कासगंज बॉर्डर तक पुलिस की टीमें घेराबंदी किए रहीं। अंदेशा इस बात का ज्यादा रहा कि अकराबाद से तीनों बॉर्डर नजदीक हैं। कहीं ये दोनों किसी वाहन की मदद से लिफ्ट लेकर दूसरे जिले में प्रवेश कर फरार न हो जाएं। मगर सड़कों पर पुलिस का जाल बिछा होने के कारण ये दोनों मुख्य मार्ग पर आने की हिम्मत न जुटा पाए और खेतों, पगडंडियों, रजवाहे की पटरी आदि के सहारे गांव-गांव भटकते रहे। इसी बीच दोनों दबोच लिए गए।
- अकराबाद प्रकरण में फरार दोनों आरोपी भी दबोच लिए गए हैं। पुलिस टीमें लगातार काम करती रहीं। इसी का परिणाम रहा कि 36 घंटे के अंतराल में पूरा केस वर्कआउट हो गया। अब प्रयास है कि इन तीनों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इसके लिए साक्ष्य संकलन के निर्देश दिए गए हैं।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
महिला व परिवार के साथ खड़ी पुलिस
इस घटना के बाद शुक्रवार को मेडिकल परीक्षण आदि की औपचारिकताएं निपटाकर महिला को घर भेज दिया गया। इसके बाद दो पुलिसकर्मी लगातार गांव में मौजूद हैं। इसके अलावा थाना स्तर से व सर्किल स्तर से वरिष्ठ अधिकारी लगातार परिवार के संपर्क में हैं। शनिवार को दिन में भी दो बाद थाना पुलिस गांव में जाकर परिवार व महिला से मिली। पूरी तरह भरोसा दिलाया कि वे परिवार के साथ हैं। किसी तरह से कहीं कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
महिला नहीं भुला पा रही अपने साथ हुआ मंजर
चार बच्चों की मां महिला बृहस्पतिवार रात का वह मंजर नहीं भुला पा रही है। वह बार-बार उस दृश्य को याद कर सिहर उठती है और फफक पड़ती है। बस एक ही बात कहती है कि किसी तरह जान बच गई है। उसे एक बार तो मुंह व गला दबाने से लगा था कि कहीं जान न निकल जाए। मगर इसके बाद आरोपियों ने जो उसके साथ किया है। उसे याद कर वह खुद को संभाल नहीं पाती है। ऐसे में उसका परिवार व महिला पुलिस उसको संभालने का प्रयास करती है।
ये हुआ बरामद:-इन दोनों के पास से पुलिस को महिला से लूटे गए 14 हजार 800 रुपये, जेवरात, मोबाइल के अलावा दो तमंचे व कारतूस मिले। वहीं ऑटो शुक्रवार को ही बरामद कर लिया गया।