क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
नौशाद और मुस्तकीम के परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी की भी समस्या पैदा होने लगी है। रविवार को घर में राशन न होने के कारण इनके परिवार की महिलाओं और बच्चों को भूखा सोना पड़ा। महिलाओं ने सोमवार को किसी से पचास रुपये उधार लिए तब जाकर बच्चों के लिए बाजार से खाना आया। इनके परिवार के अन्य पुरुष अब भी सामने नहीं आ रहे।
मोहल्ला वैसपाड़ा में किराए के मकान में रहने वाले नौशाद और मुस्तकीम पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। इनके ही गैंग के अन्य सदस्य हत्याओं के मामले में जेल में हैं। जबकि मुस्तकीम के पिता इरफान सहित परिवार के कुछ सदस्य 16 सितंबर को पुलिस द्वारा दी गई दबिश के बाद से गायब हैं।
इस कार्रवाई को दस दिन होने जा रहे हैं। इस बीच इनके परिवार के पास अब तक जमा राशन खत्म हो चुका है। चूंकि इनके पास अतरौली का कोई राशन कार्ड नहीं है। सो इन्हें राशन भी नहीं मिल पाता है।
राशन खत्म होने के साथ ही महिलाओं के पास रुपये तक नहीं हैं। मुस्तकीम की दादी रफीकन व मां शबाना ने बताया कि सोमवार को पचास रुपये एक व्यक्ति से उधार लिए तब जाकर खाना बाजार से मंगाकर बच्चों को खिलाया।
रविवार की रात बच्चे भूखे ही सोए। मुस्तकीम और नौशाद आपस में जीजा साले थे। उधर, पुलिस अभी भी इनके पते तस्दीक करने में जुटी है।