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निजी अस्पतालों को कोरोना टीके की आपूर्ति बंद, लोग काट रहे चक्कर

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स्वास्थ्य विभाग ने 30 अप्रैल से निजी अस्पतालों को कोविड टीके की आपूर्ति बंद कर दी है, जिससे पहली डोज लगवाने वाले लोग अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। टीका न होने के कारण संचालक उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं दे पा रहे हैं।
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सरकारी अस्पतालों के अलावा जिले के 12 निजी अस्पतालों में कोविड -19 से बचाव के लिए टीकाकरण हो रहा था। इसके लिए संचालक स्वास्थ्य विभाग को डिमांड भेजते थे और उन्हें वहीं से सप्लाई मिल जाती थी। लेकिन 30 अप्रैल से यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई। निजी अस्पतालों को कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी से संपर्क करके टीका मंगाने अथवा बाजार से टीका खरीदने के लिए कहा गया है।
शेखर सराफ मेमोरियल हॉस्पिटल( रूसा) के डायरेक्टर सुमित सराफ ने बताया कि उनके हॉस्पिटल में कोविशील्ड वैक्सीन उपलब्ध कराई गई थी, जिन लोगों ने वैक्सीनेशन कराया था, उनको वैक्सीनेशन की दूसरी डोज का भी समय हो रहा है। तीन-चार दिन से फोन आ रहे हैं और वैक्सीन लगवाने के लिए लोग हॉस्पिटल भी आ रहे हैं।
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लेकिन वैक्सीन उपलब्ध न होने के कारण लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इस मामले में कार्यवाहक जिला अधिकारी एवं सीडीओ अंकित खंडेलवाल से शुक्रवार को इस संबंध में वार्ता कर वैक्सीन दिलवाने के लिए अनुरोध किया गया है।
इधर, वरुण हॉस्पिटल के संचालक डॉ संजय भार्गव और जीवन ज्योति हॉस्पिटल के संचालक डॉ राजेश्वर चौधरी का भी यही कहना है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन कब मिलेगी यह पता नहीं। अब इंतजार हो रहा है। वहीं, सीएमओ डॉ बीपी कल्याणी ने बताया कि शासन स्तर से निजी अस्पताल संचालकों को वैक्सीन न देने के आदेश हैं। संचालक बाजार अथवा कंपनी से सीधे संपर्क कर टीके की व्यवस्था करें।
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