बीएससी नर्सिंग की डिग्री न मिलने को लेकर सशंकित छात्र-छात्राओं ने एएमयू के कुलसचिव कार्यालय के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया था। इसे लेकर एएमयू ने साफ कर दिया है कि आईएनसी ने पांच जनवरी 2023 को जीएनएम प्रशिक्षण के लिए बीएससी नर्सिंग करने की अनुमति दे दी थी। पास होने वाले छात्र-छात्राओं को बीएससी नर्सिंग की डिग्री दी जाएगी।
इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) से संबद्धता को लेकर एएमयू नर्सिंग कॉलेज प्रशासन ने साफ किया है कि विद्यार्थियों को बीएससी नर्सिंग की ही डिग्री मिलेगी। पिछले दिनों बीएससी नर्सिंग की डिग्री न मिलने को लेकर सशंकित छात्र-छात्राओं ने एएमयू के कुलसचिव कार्यालय के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया था।
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नर्सिंग कॉलेज ऑफ हॉस्पिटल की प्राचार्या प्रो. फरहा आजमी ने बताया कि आईएनसी ने पांच जनवरी 2023 को जीएनएम प्रशिक्षण के लिए बीएससी नर्सिंग करने की अनुमति दे दी थी। उन्होंने कहा कि पास होने वाले छात्र-छात्राओं को बीएससी नर्सिंग की डिग्री दी जाएगी। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया था कि कि तीन साल में एएमयू के नर्सिंग कॉलेज को आईएनसी से संबद्धता मिल जानी चाहिए, लेकिन नहीं मिल पाई। बीएससी नर्सिंग की डिग्री न मिलने पर जीएनएम की डिग्री मिलेगी। उनके साथ यह अन्याय होगा।
सीट बेचने पर एएमयू ने दी सफाई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एएमयू के बीई (सिविल) में एक अभ्यर्थी की सीट बेचने का प्रकरण प्रसारित हो रहा है। इस मामले में एएमयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुजीबुल्लाह जुबेरी ने बताया कि अभ्यर्थी मोहम्मद सैफ अंसारी (चांस मेमो) को पिछड़े वर्ग श्रेणी के तहत बीई (सिविल) पाठ्यक्रम में त्रुटिवश प्रवेश मिल गया था। अभ्यर्थी मेराज अंसारी (चयन सूची) को प्रवेश दिया जाना चाहिए था, जिन्होंने काउंसिलिंग प्रक्रिया में भाग लिया था और उन्हें बहुत ऊपर रखा गया था। उन्होंने कहा कि जब इस त्रुटि का पता चला और संबंधित प्रवेश समन्वयक द्वारा उन्हें इसकी सूचना दी गई तो उसे सुधारा गया।