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अलीगढ़ः अस्पताल में बुखार के मरीजों की कतार

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दीनदयाल चिकित्सालय में पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
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मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त अस्पताल सहित जनपद के अस्पतालों में बुखार के मरीजों की लाइन लगी है। पांच लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। बुधवार को सात छोटे-बड़े सरकारी अस्पतालों में 377 बुखार से पीड़ित लोग पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में लोग जांच भी करा रहे हैं ।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल के लैब में बुधवार को 21 लोगों की जांच हुई, जिसमें पांच लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए। जनपद में अब डेंगू की चपेट में आए लोगों की संख्या 41 हो गई है। पिछले 15-20 दिन से डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं। टायफायड, मलेरिया एवं वायरल से पीड़ित लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं । पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त अस्पताल में बुखार से पीड़ित 115 लोग पहुंचे। अस्पताल में बुखार से पीड़ित 45 मरीज भर्ती हैं, जिसमें एक डेंगू का मरीज है। अतरौली में 600 की ओपीडी में 100 लोग बुखार के थे। जनपद के सरकारी एवं गैर सरकार अस्पताल एवं चिकित्सकों के पास भी काफी संख्या में बुखार से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। मथुरा, फिरोजाबाद, कासगंज में मौत की घटनाओं से लोग ज्यादा चिंतित हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ के निर्देशन में शहरी क्षेत्र में डेंगू से पीड़ित मरीजों घर के आसपास एंटी लार्वा एवं रसायन का छिड़काव किया जा रहा है। मलखान सिंह जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि अभी डेंगू के कम केस आ रहे है। मलेरिया, टायफायड व वायरल के मरीज आ रहे हैं।
- डेंगू के लक्षण...
- तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, तेज बदन दर्द, तेज सिर दर्द, पेट दर्द एवं उल्टी, शरीर पर दाने तथा मुंह अथवा नाक से खून आने की शिकायत हो तो तुरंत निकट के स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार कराएं। खून की जांच अति आवश्यक है।
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- डेंगू बुखार के रोगी होने पर जिला या नगर स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना दें ताकि प्रभावित क्षेत्र में कीटनाशक का छिड़काव कराया जा सके।
क्या करें...
- यह घर के अंदर का मच्छर है। दिन में काटते हैं। घरों में कीटनाशक का छिड़काव करें
- कूलर, बाल्टी, फ्लावर पाट व घड़े में एकत्रित पानी को बदलते रहें
- शरीर पर मच्छर निरोधक औषधियों, नीम का तेल, सरसों का तेल लगाए। बच्चों को कमीज व मोजे पहनाएं
- घर के आसपास पानी एकत्रित होने वाले स्थानों को मिट्टी से भर दें। यह संभव न हो तो कुछ बूंदे मिट्टी का तेल या जले हुए डीजल ऐसे स्थानों पर डाल दें
क्या न करें
- डेंगू बुखार का कोई भी टीका नहीं होता है। चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा दें
- घर में कोई डेंगू का रोगी हो तो उसे बिना मच्छरदानी के न रहने दें
- घरों के छज्जे, पोर्च में टूटे बर्तनों, बेकार टायर-ट्यूब, प्लास्टिक के टूटे बर्तन आदि एकत्रित न होने दें
- घरों के आसपास छायादार स्थलों में नमी न उत्पन्न होने दें
अस्पताल का नाम ओपीडी बुखार
पं. दीनदयाल अस्पताल 1159 115
जिला अस्पताल 1950 60
अतरौली 600 100
हरदुआगंज 176 35
चंडौस 172 12
गभाना 160 35
पिसावा पीएचसी 90 20
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