राजा महेंद्र प्रताप को भारत रत्न क्यों मिलना चाहिए। इस विषय पर सही समान अभियान दिल्ली के संयोजक हरपाल सिंह राणा ने बताया कि देश में फकीर से राजा तो अनेकों बने, लेकिन शिक्षाविद्, क्रांतिकारी व समाजसेवी राजा महेंद्र प्रताप सिंह ऐसे इकलौते राजा थे, जो राजा से फकीर बने थे।
उन्होंने बताया कि राजा महेंद्र प्रताप ने अपनी अधिकतर भूमि, संपत्ति गुरुकुल, विद्यालय और शिक्षण संस्थाओं के साथ किसानों को देकर स्वरोजगार और शिक्षा का उजियारा किया। देश को आजाद कराने के लिए तीन दशक तक विदेश में रहकर ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़ने को मजबूर किया। महात्मा गांधी जी से पहले 1932 में नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया। इतिहास मे अनेकों ऐसी उपलब्धि हैं, जो भारत का नाम गौरवान्वित करती हैं। जर्मनी के राजा ने तो ऑर्डर ऑफ दी रेड ईगल की उपाधि से सम्मानित किया। ऐसी तमाम उपलब्धि हासिल किए राजा महेंद्र प्रताप की जयंती और पुण्यतिथि को भारत के नागरिक भूल गए हैं। इसीलिए उनका हक बनता है कि उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए। जिससे एक सच्चे देशभक्त सांसद को सम्मान मिल सके।