जिले के 150 किसान लखपति होने के बाद भी राशन कार्ड बनवाकर सरकारी दर पर राशन खरीद का लाभ उठा रहे हैं। शासन स्तर से यह खुलासा होने के बाद जिले के 6.41 लाख पात्र गृहस्थी और 24596 अंत्योदय राशन कार्ड धारक भी जांच के दायरे में आ गए हैं। दरअसल, जिले में हजारों लोगों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र के सहारे राशन कार्ड बनवा लिए हैं। अब जिला पूर्ति विभाग इन कार्ड धारकों की जांच कराएगा।
जिले में 6.64 लाख पात्र गृहस्थी कार्ड धारक हैं। इनको हर माह प्रति यूनिट यानी कार्ड पर दर्ज प्रति व्यक्ति के हिसाब से 5 किलो राशन दिया जाता है। अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को 35 किलो राशन प्रति कार्ड पर दिया जाता है। पात्र गृहस्थी कार्ड बनवाकर यही लाभ जिले के 150 किसान भी उठा रहे हैं। इन किसानों को शासन ने हाल में पकड़ा है। दरअसल, धान खरीद की एवज में सरकार ने इस बार सीधे किसानों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की थी। शासन ने जिन 150 किसानों को चिह्नित किया है। उनको धान खरीद की एवज में सरकार ने तीन-तीन लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया है। यही भुगतान किसानों के अपात्र पाए जाने का कारण बना है। पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों की पात्रता की शर्त है कि शहरी क्षेत्र में तीन लाख प्रतिवर्ष से अधिक आय और ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख से अधिक की प्रतिवर्ष आय वाले लोगों को अपात्र माना जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार सोनी ने बताया कि कई लोग घालमेल कर फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवा लेते हैं। इनकी अब जांच की जाएगी।