दस मोहर्रम आशूरा के मौके पर शुक्रवार को किसी भी तरह का जुलूस या कोई सामूहिक कार्यक्रम नहीं किया जाएगा। बृहस्पतिवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के ओल्ड बॉयज लॉज पर आयोजित प्रेसवार्ता में शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद, एएमयू शिया थियोलॉजी के चेयरमैन मौलाना प्रोफेसर तैय्यब रजा, एएमयू जामा मस्जिद के इमामे जुमा मौलाना हसन मोहम्मद, कर्बला शाहजमाल के मुतवल्ली मुख्तार जैदी और अंजुमन तंजीमुल आजा के महासचिव नादिर नकवी ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते मोहर्रम को लेकर शासन और प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके चलते सारी गतिविधियां इन दिशा-निर्देशों के अनुसार कर रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को हजरत इमाम हुसैन की शहादत के गम में निकाले जाने वाला 10 मोहर्रम आशूरा का जुलूस भी नहीं निकाला जा रहा है। पिछले वर्ष भी आयोजन नहीं हुआ था। व्यक्तिगत रूप से लोग कर्बला पहुंच कर ताजिया और अलम की जियारत कर सकते हैं।
कर्बला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी बताया कि कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोग स्वयं को आगे करके कुछ जुलूस आदि का आयोजन करने की मंशा रखते हैं। ऐसे लोगों से या संगठनों से हमारा लेना-देना नहीं है। ऐसे मामलों में जिला प्रशासन अपनी कार्रवाई करेगा और इस मामले में हम सभी लोग जिला प्रशासन के साथ हैं। बताया कि महापौर मोहम्मद फुरकान ने कर्बला पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। अंजुमन तंजीम उल अजा के महासचिव नादिर नकवी ने बताया कि एएमयू परिसर स्थित बैतूल सलात में सुबह 10 बजे अलम और ताजिये रख दिए जाएंगे। जिसकी जियारत व्यक्तिगत रूप से चार या पांच लोगों के साथ की जा सकती है। यहां पर सैनिटाइजर, मास्क और सामाजिक दूरी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर मोहम्मद हैदर आदि मौजूद थे।