अगर आप एयर टिकट का पूरा ब्यौरा अपने मोबाइल में रखते हैं, तो यह आदत आपकी जेब ढीली कर सकती है।
सूत्रों की मानें तो लो फेयर वाली कुछ विमान कंपनियां यात्रियों को टिकट का एक प्रिंट देने के लिए सौ रुपये तक वसूल रही हैं।
यह आलम तब है जब महानिदेशालय नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) ने कुछ ही दिन पहले कड़े निर्देश जारी किए थे।
सस्ते टिकट के नाम पर हो रहा ये खेल
डीजीसीए ने घरेलू उड़ान सेवाओं को दो श्रेणियों में बांट रखा है। पहली श्रेणी में एयर इंडिया सहित कई फुल फेयर वाले विमान हैं।
फुल फेयर वाली विमान कंपनियां यात्रियों को खाना मुहैया कराती हैं, जबकि दूसरी श्रेणी में लो फेयर वाली विमान कंपनियां हैं।
आय बढ़ाना है मक्सद
इनमें टिकट सस्ता होने के कारण यात्रियों को खाना नहीं दिया जाता है। लो फेयर वाली विमान कंपनियों ने अब अपनी आय बढ़ाने के लिए टिकट का प्रिंट देने के नाम पर 100 रुपये की वसूली भी शुरू कर दी है।
रोजाना करीब 15 सौ यात्री लो फेयर टिकट वाले विमानों से दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू और पटना जाते हैं। इनमें जेट लाइट और जेट कनेक्ट ने दो दिन पहले यात्रियों को टिकट का प्रिंट देने का चार्ज 100 रुपये कर दिया है।
मैनेजर ने बताया उचित
जेट एयर के टर्मिनल मैनेजर अमित ने इसे उचित बताया है। वहीं, एयरपोर्ट के निदेशक सुरेश चंद्र होता का कहना है कि विमान कंपनियां जो कुछ भी यात्रियों पर चार्ज करती हैं, उसका नियंत्रण डीजीसीए करता है।
क्या है डीजीसीए का निर्देश
डीजीसीए का साफ निर्देश है कि ये कंपनियां पैसेंजर सर्विस फीस के रूप में टिकट का प्रिंट देने के लिए अधिकतम 50 रुपये ही ले सकती हैं।