पानी से मकान हो गया जर्जर
केंद्र पर रविवार को सुनवाई हुई। महिला का कहना था कि सीलन में रहना मुश्किल है। बच्चे भी बीमार हो रहे हैं। मकान भी जर्जर हो गया है। पति का कहना था कि मकान ठीक कराने के लिए रुपयों की जरूरत है। इसलिए समय लग रहा है। पत्नी इस बात पर ही नाराज है। इस पर काउंसलर ने दोनों को समझाया। छोटी-छोटी बातों पर न झगड़ने की सलाह दी। इस पर पति-पत्नी मान गए। वो साथ चलने के लिए राजी हो गए।
उधर, केंद्र प्रभारी कमर सुल्ताना का कहना था कि 40 मामलों में से 27 में एक पक्ष आए। सात जोड़ों में से दो में समझौता कराकर घेर भेजा गया। पांच को अगली तारीख पर बुलाया है। 15 की फाइल निस्तारित कर दी गई। एक मामले में एफआईआर की संस्तुति की गई है।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।