गाड़ियों पर वीआईपी नंबर लेने के लिए लोग कभी मुंहमांगी कीमत अदा करने को तैयार रहते थे। यही कारण रहा कि वर्ष 2019 में शून्य से 9 नंबर की सीरीज की कीमत अधिकतम 25 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई। नीलामी प्रक्रिया भी शुरू की गई, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद से वीआईपी नंबरों का क्रेज कम हो गया है। अब इन नंबरों की बुकिंग 60 फीसदी तक गिर गई है।
कार और एसयूवी के खरीदार हों या फिर बुलेट और बाइक खरीदने वाले लोग। कई बार अपने लकी नंबर की डिमांड करते हैं तो कई बार गाड़ी पर वीआईपी नंबर चाहते हैं। कुछ धार्मिक महत्व के हिसाब से भी गाड़ियों के नंबरों का चयन करते रहे हैं। सितंबर 2019 से पहले तक वीआईपी नंबर की पहली श्रेणी यानी 1111 से लेकर 9999 तक के नंबर की अधिकतम कीमत 25 हजार रुपये थी, इसी तरह अन्य श्रेणियों के नंबरों की कीमतें तय थीं, लोग अपना नंबर बुकिंग कराने के बाद प्राप्त करते थे।
लेकिन सितंबर 2019 में परिवहन मुख्यालय ने वीआईपी नंबरों की कीमतों में इजाफा कर दिया। चार पहिया में 1111 से लेकर 9999 तक के नंबरों की कीमत एक लाख रुपये और दोपहिया के लिए अधिकतम 20 हजार रुपये तय कर दी। इसी तरह 1000, 2000 जैसे नंबरों की कीमतें 50 हजार और दोपहिया के लिए 10 हजार तय की गईं। इसके अलावा नीलामी प्रक्रिया भी शुरू कर दीं। इन नंबरों की बुकिंग कराने के बाद दूसरा व्यक्ति उसी नंबर का आवेदन करता है तो नीलामी में जो अधिक बोली लगाएगा, वही नंबर ले पाएगा।