दो साल पहले एक लाख गाड़ियों का पंजीयन निरस्त
दो साल पहले एक लाख से अधिक गाड़ियों के पंजीयन निरस्त किए जा चुके हैं। अब इसी माह परिवहन विभाग ने वर्ष 2005 और 2006 अप्रैल तक पंजीकृत वाहनों को 15 साल की अवधि पूरी होेने पर पंजीयन निलंबित किए हैं। इन वाहन स्वामियों को एक माह का समय दूसरे जिलों में गाड़ी का पुन: पंजीयन कराने को दिया गया। इसके लिए आरटीओ से अनापत्ति प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट कारोबारी बोले, इससे उनका बड़ा नुकसान होगा
ट्रांसपोर्टर्स ने नई स्क्रैप पॉलिसी को व्यवसाय के लिए घातक बताते हुए विरोध किया है। उनका कहना है कि नई पॉलिसी से पुरानी गाड़ियां लेकर रोजी रोटी कमाने वाले ट्रांसपोर्टर्स खत्म हो जाएंगे, जोकि ग्रामीण अंचलों में माल का परिवहन करते हैं। यह नीति केवल आटो मोबाइल कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली है।
स्क्रैप नीति नुकसान पहुंचाने वाली
वाहन के प्रदूषण का गाड़ी की आयु से कोई संबंध नहीं है। नई स्क्रैप पॉलिसी ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को नुकसान पहुंचाने वाली है। नई नीति को लागू करने से पहले देश की परिस्थितियों और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की आर्थिक स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए। -वीरेंद्र गुप्ता, सह प्रवक्ता, एआईएमटीसी
परिवहन और महंगा हो जाएगा
नई स्क्रैप पॉलिसी से पहले मंदी के दौैर से गुजर रहे ट्रांसपोर्ट कारोबार को झटका लगेगा। सरकार को यह नीति लागू करने से पहले ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को भरोसे में लेना चाहिए। इससे परिवहन महंगा हो जाएगा। -दीपक शर्मा, अध्यक्ष, आगरा गुड्स कैरियर
नई नीति से भ्रष्टाचार बढ़ेगा
व्यावसायिक वाहनों के लिए 15 साल बहुत कम है। पुराने वाहनों से देश के ज्यादातर हिस्सों में माल का परिवहन होता है। इस नीति से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। -गिरीश अग्रवाल, ट्रांसपोर्टर
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