मैनपुरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने बोर्ड परीक्षार्थियों को अंक सुधार का मौका दिया है। परिषद ने इच्छुक छात्र-छात्राओं को 27 अगस्त तक आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा 18 सितंबर से छह अक्तूबर तक कराए जाने की तिथि भी घोषित कर दी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2021 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा नहीं हो सकी थी। पिछली परीक्षाओं के आधार पर परीक्षा परिणाम घोषित किया जा चुका है। यदि किसी छात्र-छात्रा का परीक्षा परिणाम अधूरा है या फिर वह अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए बोर्ड ने परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा के इच्छुक छात्र-छात्राओं को बिना पुन: परीक्षा शुल्क जमा किए 27 अगस्त तक अपना ऑनलाइन आवेदन करना है। आवेदन को संबंधित कॉलेज के प्रधानाचार्य को 29 अगस्त तक फॉरवर्ड करना होगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परिषद की ओर से 18 सितंबर से छह अक्तूबर तक हाईस्कूल की परीक्षा 12 कार्य दिवस में तथा इंटरमीडिएट की परीक्षा 15 कार्य दिवस में संभावित है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा तीन घंटे के स्थान पर प्रश्रों को कम करते हुए दो घंटे की होगी। परीक्षार्थी को एक या एक से अधिक कितने भी विषयों में परीक्षा में बैठने का अवसर प्रदान किया जाएगा। परीक्षा केवल लिखित अंकों के लिए ही की जाएगी। प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक पूर्ववत रहेंगे। इंटरमीडिएट के छात्र यदि प्रयोगात्मक परीक्षा से वंचित हैं तो वह आगामी प्रयोगात्मक परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे।
नहीं मान्य होंगे 31 जुलाई के परिणाम के अंक
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में बैठने के इच्छुक छात्र-छात्राएं इस बात का ध्यान रखें कि वर्ष 2021 का परीक्षा का परिणाम 31 जुलाई को जारी हो चुका है जो पूर्व परीक्षाओं के आधार पर जारी किया गया है। जो छात्र 18 सितंबर से आयोजित होने वाली परीक्षा में बैठेंगे उनके 31 जुलाई को जारी किए गए अंक निरस्त माने जाएंगे।
परिषद ने अंक सुधार का छात्र-छात्राओं को मौका दिया है। इच्छुक छात्र-छात्राएं निश्चित तिथि में आवेदन करना सुनिश्चित करें। प्रधानाचार्य आवेदन को निश्चित तिथि पर फॉरवर्ड करना सुनिश्चित करें। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक