आगरा। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षाएं जिले में संपन्न हो चुकी हैं। 4250 परीक्षार्थी अभी परीक्षा देने से रह गए हैं। इसमें अनुपस्थित परीक्षार्थी भी शामिल हैं। अधिकतर परीक्षार्थी परीक्षकों के न आने से प्रायोगिक परीक्षा नहीं दे पाए हैं।
इस बार प्रायोगिक परीक्षाएं लिखित परीक्षा संपन्न होने के बाद कराई गईं। जिले में पहले चरण में 20 से 27 अप्रैल से प्रायोगिक परीक्षा का आयोजन 146 केंद्रों पर किया गया। निर्धारित समय पर प्रायोगिक परीक्षा संपन्न न हो पाई। 13 हजार से अधिक परीक्षार्थी प्रायोगिक परीक्षा देने से रह गए थे। बोर्ड से बात करके एक दिन का समय बढ़वाया गया, इसके बाद भी परीक्षकों के न पहुंचने और परीक्षार्थियों के अनुपस्थित रहने की वजह से 4250 की प्रायोगिक परीक्षा नहीं हो पाई है। जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि बोर्ड सचिव को जो परीक्षार्थी प्रायोगिक परीक्षा नहीं दे पाए हैं, उनकी जानकारी दे दी है। बोर्ड स्तर से जो तारीख निर्धारित की जाएगी, उसमें छूटे हुए परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। तारीख जारी होने के बाद विद्यालयों के माध्यम से संबंधित परीक्षार्थियों को सूचित भी कर दिया जाएगा।