भाजपा की सदस्यता लेते पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
सिरसागंज के विधायक हरिओम यादव और एत्मादपुर के पूर्व विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह की भाजपा में एकाएक एंट्री के पीछे श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का इस्तीफा है, जिस वजह से मकर संक्रांति से पहले ही भाजपा ने राजनीति की खिचड़ी पका ली। छह महीने से मंडल में विपक्ष के चेहरे रहे दोनों नेताओं की बातचीत भाजपा संगठन से चल रही थी, लेकिन जैसे ही मंगलवार को स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस्तीफा दिया, डैमेज कंट्रोल के लिए बुधवार को दिल्ली में छह माह से वेटिंग में चल रहे नेताओं को भाजपा में शामिल करा लिया गया। डॉ. धर्मपाल सिंह पूर्व में अपनी शर्त रख चुके थे कि वह शामिल तब होंगे, जब उनके टिकट की घोषणा की जाएगी।
डॉ. धर्मपाल के सपा छोड़ने से विपक्ष को झटका
एत्मादपुर से बसपा के विधायक रहे और अब सपा के प्रत्याशी के तौर पर सक्रिय डॉ. धर्मपाल के साइकिल से उतरने का सबसे बड़ा झटका विपक्ष को लगा है। सत्ता विरोधी मतदान करने वालों के लिए डॉ. धर्मपाल सिंह विपक्ष का बड़ा चेहरा थे जो एत्मादपुर सीट पर सबसे कांटे की लड़ाई में दिख रहे थे। उनके सपा छोड़ने से एत्मादपुर के साथ आगरा ग्रामीण, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, खेरागढ़ और बाह सीट पर सपा कार्यकर्ताओं के बीच नकारात्मक संदेश गया। डॉ. धर्मपाल से पहले दो बार के विधायक रहे सूरजपाल सिंह सीकरी में भाजपा में शामिल हो गए, पर उनका निधन हो गया। हाल में खेरागढ़ के दो बार के पूर्व विधायक भगवान सिंह कुशवाह के भाजपा में शामिल होने से विपक्ष को झटका लगा।