कारोबारी विनोद अग्रवाल बॉबी का फाइल फोटो
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उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रविकांत गर्ग के भांजे होटल कारोबारी विनोद अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने दो अधिवक्ताओं समेत पांच से पूछताछ की है। पूछताछ में कई सवालों के जवाब पुलिस को मिल गए हैं। हालांकि पुलिस खुलासा नहीं करना चाहती। पुलिस मृतक की देनदारी का भी एंगल साथ में लेकर चल रही है।
नौ जनवरी को होटल व चांदी कारोबारी विनोद अग्रवाल बॉबी (49) दोस्त डॉक्टर अनुराग के संग एमसीएक्स के लेनदेन को लेकर पंचायत में एक अधिवक्ता के घर हाईवे प्लाजा के पास गए थे। घर से कुछ ही दूरी पर विनोद बेहोशी की हालत में मिले थे। हालांकि परिजन अपने साथ ले गए। डॉक्टरों को दिखाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मृतक की पत्नी रूबी अग्रवाल की तहरीर पर मनीष टाल वाले के खिलाफ कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पुलिस ने बुधवार को पंचायत में रहे दो अधिवक्ता समेत पांच से पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि मृतक के कई लोगों पर रुपये हैं, जो उसके द्वारा उधार दिए गए थे। इस एंगल को भी पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है। पुलिस को शक है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि रुपये न लौटाने के कारण व्यवसायी की हत्या की गई हो। सीओ सिटी अभिषेक तिवारी ने बताया कि दो अधिवक्ताओं समेत पांच लोगों से पूछताछ की गई। इसके अलावा मृतक के परिजनों से भी जानकारी ली गई है। जल्द ही जांच पूरी करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।