सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर निकाली जा रही स्कूली बच्चों की रैली में उस समय भगदड़ मच गई, जब ट्रैक्टर बच्चों की भीड़ में घुस गया। इस दौरान स्कूल के एक कर्मचारी ने अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाने का प्रयत्न शुरू कर दिया। ट्रैक्टर एक बच्चे और स्कूल कर्मचारी को रौंदता हुआ स्कूल की दीवार से टकरा कर रुक गया।
बाह क्षेत्र के अभिनव विद्यालय में मंगलवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर रैली में शामिल होने के लिए बच्चे जुटे थे। इसी दौरान बेकाबू ट्रैक्टर एक छात्रा को चपेट में लेते हुए दीवार से टकरा गया, ट्रॉली पलट गई। चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी ट्रैक्टर की चपेट में आने से घायल हो गया। दोनों को इलाज के लिए एसएन में लाया गया है।
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बाजरे की करब से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क किनारे बबूल के पेड़ की डाली में उलझ गई। जिससे अनियंत्रित हुआ ट्रैक्टर विद्यालय के गेट से टकराया और ट्रॉली पलट गई। दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। ट्रैक्टर की चपेट में आने से आठवीं की छात्रा समोखीपुरा गांव की खुशी और चतुर्थश्रेणी कर्मी धोबई गांव के अशोक कुमार घायल हो गए। रैली में शामिल होने आए 80 बच्चों और शिक्षकों के बीच भगदड़ मच गई। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक मौके से भाग निकला। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्टाफ और बच्चों की मदद से घायलों को इलाज के लिए बाह सीएचसी पहुंचाया। दोनों को एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्रभारी निरीक्षक बाह श्याम सिंह ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
देवदूत बना चतुर्थश्रेणी कर्मी
अभिनव विद्यालय के गेट की ओर बेकाबू ट्रैक्टर को देख चतुर्थश्रेणी कर्मी अशोक कुमार बच्चों को हटाने में जुट गए। बच्चों को धकेलकर हटाते समय ट्रैक्टर की चपेट में आने से घायल हो गए। एक बच्ची खुशी भी घायल हो गई। प्रधानाचार्य अरविंद सिंह ने बताया कि अशोक कुमार की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन विद्यालय की ओर दौड़ पड़े। अशोक कुमार की बेटी शिल्पी, पत्नी छोटी देवी, दादी रीना, ताई ममता की आंखों में आंसू नहीं रुक रहे थे। जबकि खुशी के परिजन भी बेहाल रहे।