मामला पिनाहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला थरी का है। यहां के रहने वाले महेंद्र सिंह ने बताया कि कुछ महीने पूर्व उसके दो गधे खेतों में चरने गए थे। उसके बाद वह गायब हो गए। उसने खोजा लेकिन कोई पता नहीं चल सका। थक हारकर वह बैठने वालों में नहीं था। उसने गधा खरीदने की योजना बनाई। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में पता करता कि गधे कहां बिक रहे हैं और जानकारी होने पर पहुंच जाता।
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एक दिन उसे पता चला कि फिरोजाबाद के रामनगर निवासी किसान अमर सिंह के यहां गधे हैं। इस पर वह गधा खरीदने के बहाने उसके घर पहुंचा। यहां उसने अपने गधों को देखते ही पहचान लिया। लेकिन महेंद्र का कहना है कि यह दोनों गधे उसके हैं। बात बढ़ी तो महेंद्र पिनाहट थाने पहुंचे गया। यहां गधे चोरी की बात बताते हुए पुलिस को शिकायत की।
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पुलिस ने किसान बात सुनी और पीड़ा को देखते हुए मदद के लिए तैयार हो गई। पुलिस ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए बताए गए स्थान पर छापेमारी की। यहां से दोनों गधों को बरामद कर लिया। इसके बाद उन्हें लोडर नें लादकर थाने ले आई। जानकारी होने पर यहां दोनों पक्ष पहुंच गए। अमर सिंह का कहना रहा कि उसने बाजार से इन्हें खरीदा है। हालांकि वह किस बाजार से, किस किसान से खऱीदा, इसका जवाब नहीं दे पाया।
दोनों पक्ष गधों पर मालिकाना हक जताते हुए थाने पर ही हंगामा करने लगे। यह हाई वोल्टेज ड्रामा घंटों चला। मामला सुलझाने का कोई रास्ता ही नहीं दिख रहा था। इस पर पुलिस ने चौपाल लगाई और दोनों पक्षों बैठाया। उनसे वार्ता की। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को एक-एक गधा लेने पर सहमति बनवाई। इसके बाद उन्हें एक-एक गधा देकर सुलह नामा कराया। थाने में गधों के लिए हुई पंचायात क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।