गिरोह में सरगना सहित पांच सदस्य
एसपी ग्रामीण के वेंकट अशोक के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह ऐसे युवकों से संपर्क करते हैं, जो सेना में भर्ती नहीं हो पाते हैं। इन युवकों को भर्ती कराने का आश्वासन देते हैं। युवकों के तैयार होने पर पांच लाख रुपये में बात करते हैं।
सौदा तय होने पर गिरोह के सरगना सरगना धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित गांव डडवार निवासी सुरेंद्र सिंह के पास ले जाते हैं। सुरेंद्र पूर्व में सिकंदरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसे जेल भेजा जा चुका है। सिकंदरा में आयोजित सेना भर्ती में 20 से अधिक युवक पकड़े गए थे। वह भर्ती में सेंध लगा रहे थे।
एडवांस के रूप में रकम लेने के बाद भर्ती स्थल पर ले जाते हैं। गिरोह में सुरेंद्र सिंह के अलावा दीपू उर्फ दीपक (नगला दलेल, थाना पिनाहट) और साधू यादव उर्फ दीपक यादव (किंदरपुरा इटायली थाना बाह) भी हैं। वह दोनों फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
नीरज ने बनवाए थे फर्जी दस्तावेज
पुलिस की पूछताछ में नीरज ने बताया कि उसने इंटरमीडिएट किया है। वह भी सेना में जाना चाहता था। मगर, उम्र अधिक होने के कारण भर्ती नहीं हो सका। आगरा की भर्ती में शामिल होने गया था। तब उसने यशवेंद्र नाम से फर्जी अंकतालिका, आधार कार्ड बनवाए मगर, भर्ती नहीं हो सका। वह भी अभ्यर्थियों को खोजने का काम करता है।