और फिर नजर बचाकर बदल दिया डेबिट कार्ड
उन्होंने पीछे से कृष्णा को पिन डालते हुए देख लिया। इसके बाद कहा कि रुपये नहीं निकल रहे हैं तो कार्ड हमें दो, हम कोशिश करते हैं। कृष्णा ने कार्ड दे दिया। इसके बाद डेबिट कार्ड का पासवर्ड भी जान लिया। नजर बचाकर एक युवक ने डेबिट कार्ड बदल दिया। बाद में कहा कि मशीन में रुपये नहीं हैं। इसलिए दूसरे एटीएम पर जाकर कोशिश कर लो। कृष्णा वापस घर आ गई।
शिकायत पर साइबर सेल टीम ने जांच की
शाम पांच बजे कृष्णा रुपये निकालने दूसरे एटीएम पर जा रही थी। तब पता चला कि डेबिट कार्ड दूसरा है। एटीएम में उपयोग करने पर कार्ड ब्लॉक बताया। दूसरे दिन उन्होंने बैंक जाकर जानकारी ली तो पता चला कि उनके खाते से 52 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। मगर, मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस की साइबर सेल टीम ने जांच की। धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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गैंग नहीं पकड़ पा रही पुलिस
शहर में डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रकम निकालने के कई मामले हो चुके हैं। अब तक पुलिस एक भी अपराधी को नहीं पकड़ पाई। इस गैंग के सदस्य एटीएम के आसपास सक्रिय रहते हैं। ऐसे एटीएम पर जाते हैं, जिन पर गार्ड नहीं होता है। अकेले व्यक्ति, महिला और वृद्ध के आने पर मदद का झांसा देते हैं। इसके बाद कार्ड बदलकर दूसरा थमा देते हैं।
अनजान व्यक्ति को नहीं बताएं पासवर्ड
उनके जाने के बाद आरोपी उनके असली एटीएम कार्ड का उपयोग करके उनके खाते से रकम निकाल लेते हैं। इसलिए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। साइबर सेल के मुताबिक, ऐसे एटीएम का प्रयोग करें, जिसमें गार्ड रहता है। अंजान व्यक्ति को डेबिट कार्ड का पासवर्ड नहीं बताएं। डेबिट-क्रेडिट कार्ड भी नहीं दें। एटीएम में नगदी निकालते समय किसी और को प्रवेश नहीं करने दें।
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