उत्तर प्रदेश के आगरा में बहुमंजिला अपार्टमेंट, हॉस्पिटल व होटल सहित 10 हजार से ज्यादा इमारतों में आग लगने पर बचाव के इंतजाम नहीं हैं। डीएम साहब, इनमें अग्निसुरक्षा का ऑडिट हो जाए तो लाक्षागृहों की कलई खुल जाएगी। अग्निसुरक्षा की एनओसी तीन साल के लिए मान्य है, लेकिन दस साल बाद भी एनओसी लेने के बाद दोबारा ऑडिट नहीं हुए।
अफसर खेल रहे बैठक और नोटिस का खेल
शहर के बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन के उपाय नहीं किए गए हैं। एक साल से मानक पूरे करने के नाम पर अफसर बैठक और नोटिस का खेल, खेल रहे हैं। होटलों में अग्निकांड की घटनाएं लगातार हो रही हैं। जनप्रहरी संस्था के संयोजक नरोत्तम शर्मा का कहना है कि पर्यटन नगरी होने के कारण बड़ी संख्या में अवैध होटल, गेस्ट हाउस, मैरिज होम और होम स्टे खुल गए हैं। इनमें पर्यटक रुकते हैं। यहां आग लगने पर फायर बिग्रेड के लिए रास्ता नहीं छोड़ा गया है। लखनऊ में होटल अग्निकांड में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।