मैनपुरी। जिले में बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी बेहतर इलाज में आड़े आ रही है। नतीजा कई मरीज आगरा सहित आसपास के जनपदों में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। जिले में संचालित 50 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में से 30 पर डॉक्टर ही नहीं है। यहां फार्मासिस्ट मरीजों को उपचार दे रहे हैं।
जिले में 50 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह डॉक्टरों के स्थान पर एक-दो डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का बुरा हाल है। यहां 50 में से 30 पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। यहां फार्मासिस्ट मरीजों को उपचार दे रहे हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में मरीज सीधे जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन बुखार से पीड़ित दो सौ से तीन सौ मरीज जिला अस्पताल आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में भी डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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डेंगू जांच की नहीं है व्यवस्था
सीएचसी और पीएचसी पर बुखार की जांच की बात करें तो, पीएचसी पर मलेरिया जांच की ही व्यवस्था है। डेंगू की जांच की व्यवस्था सीएचसी और पीएचसी पर नहीं है। मजबूरन लोगों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों से जांच करानी पड़ रही है।
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मरीजों को कर दिया जाता है रेफर
सीएचसी पर भले ही एक-दो डॉक्टरों की व्यवस्था हो, लेकिन यहां भी उपचार के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है। डॉक्टर मरीज को देखते ही जिला अस्पताल के लिए रेफर कर रहे हैं। जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
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जहां से भी बुखार के मरीजों की सूचना मिल रही है, वहां टीम भेजकर लगातार जांच कराई जा रही है। सभी प्रभारीचिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बुखार के मरीजों की सूचना मिलने पर टीम भेजकर जांच कराई जाए। डॉक्टरों की कमी के चलते कुछ पीएचसी पर तैनाती नहीं है।
-डॉ.पीपी सिंह, सीएमओ