उन्होंने बताया कि मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार के आदेशानुसार व कांकरोली युवराज डॉ. वागीश कुमार के निर्देशानुसार मंदिर के समय में परिवर्तन किया गया है। प्रतिदिन सायंकाल में होने वाले दर्शन 21 जून को भक्त नहीं कर सकेंगे।
हालांकि मंदिर के अंदर सेवा चालू रहेगी। उन्होंने बताया कि ग्रहण के बाद मंदिर की साफ सफाई होती है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी के बीच सरकार की गाइडलाइन के अनुसार भक्तों को दर्शन कराए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण इस साल का सबसे लंबा होगा। 10 मिनट तक दिन में अंधेरे जैसी स्थिति हो जाएगी। इसका सूतक शनिवार की रात में लग जाएगा। ग्रहण होने से चूड़ामणि योग बन रहा है।
Solar eclipse: 19 साल बाद रविवार को पड़ेगा सबसे लंबा सूर्यग्रहण, इस समय लगेंगे सूतक