जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि जिन सातों अभियुक्तों को भूमाफिया घोषित किया है उनके विरुद्ध पूर्व में विभिन्न थानों में धोखाधड़ी व आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब भूमाफिया एक्ट में एफआईआर होंगी। इनके विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल होगा। बैठक में एसएसपी मुनिराज जी, एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
जमानत पर हैं रज्जो, चुनमुन, कंवलदीप
जोंस मिल में बम विस्फोट कांड से सुर्खियों में आए राजेंद्र प्रसाद उर्फ रज्जो जैन, उसका साथी हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन और सरदार कंवलदीप सिंह तीनों फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर हैं। तीनों ने 1.68 करोड़ रुपये कीमत की जमीन फर्जी दस्तावेजों से भूमाफिया की तरह बेची। तीनों पर जोंस मिल में 2596 करोड़ रुपये की जमीनों के घोटाले में शामिल होने के आरोप हैं।
ये हैं नए भूमाफिया
- राजेंद्र प्रसाद जैन उर्फ रज्जो पुत्र चिम्मन लाल जैन, मैन गेट पथवारी, बेलनगंज।
- सरदार कंवलदीप सिंह पुत्र त्रिलोचन निवासी 8/8 एडीए फ्लैट, संजय प्लेस।
- हेमंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन पुत्र देवेंद्र नाथ अग्रवाल निवासी मातंगी टावर, जीवनी मंडी।
- गुड्डू चाहर उर्फ जोगेंद्र सिंह पुत्र बाबूलाल निवासी 4/19 बाग फरजाना।
- संजय चाहर पुत्र बाबूलाल निवासी 4/19 बाग फरजाना।
- सुरेश चाहर पुत्र बाबूलाल निवासी 4/19 बाग फरजाना।
- अशोक चाहर पुत्र बाबूलाल निवासी 4/19 बाग फरजाना।
गुड्डू ने दबंगई से घेरा कब्रिस्तान
ग्राम सुरजेपुरा मौजा की बाग फरजाना स्थित गाटा 476 की 1.0140 हेक्टेयर क्रबिस्तान भूमि राजस्व रिकॉर्ड में सरकार बहादुर केसर हिंद के नाम दर्ज है। इस भूमि पर मिशनरी चर्च का कब्जा था। जिसे गुड्डू चाहर ने दबंगई से हड़प लिया। गुड्डू चाहर के भाई संजय चाहर को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। वर्तमान में एटा जेल में निरुद्ध है। चारों भाइयों के विरुद्ध 11 मुकदमे दर्ज हैं।
अब तक 38 भूमाफिया घोषित
जिले में 75 से अधिक भूमाफिया चिह्नित हैं। जिनमें 38 घोषित हो चुके हैं। घोषित भूमाफिया के विरुद्ध कार्रवाई का ब्योरा जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने प्रभारी अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव से तलब किया है। डीएम ने कहा कि जल्द पुराने भूमाफिया के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा होगी।