विकास खंड सैंया की ग्राम पंचायत सैंया में इस बार राघवेंद्र सिंह प्रधान निर्वाचित हुए हैं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत के विभिन्न मजरों में तमाम लोगों को आवास की समस्या बनी हुई है।
बाबा भी रहे हैं प्रधान
उनकी पहली प्राथमिकता जरूरतमंदों को आवास दिलाने की है। 62 वर्षीय राघवेंद्र सिंह बीए तक शिक्षित हैं। वह प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री मंडलेश्वर सिंह के पुत्र हैं। बताया कि अपने बाबा डॉ. महाराज सिंह से उन्हें राजनीति कीप्रेरणा मिली। उनके बाबा भी प्रधान रहे है।
ये हैं तीन प्राथमिकताएं
- गांव में पानी की समस्या बनी हुई है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर करना है।
- गांव में नालियों का निर्माण कराने के साथ सफाई व्यवस्था दुरुस्त करानी है।
- तालाबों पर हुए अतिक्रमण को दूर कराना है।
ये हैं प्रमुख समस्याएं
- पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से बारिश में जलभराव बड़ी समस्या है।
- ग्राम पंचायत के मुख्य गांव सैंया और ज्यादातर मजरे के रास्ते और नालियां क्षतिग्रस्त पड़ी हैं।
- ग्रामसभा में तमाम जरूरतमंद वृद्धावस्था और विधन पेंशन की सुविधा से वंचित हैं।
एक नजर में ग्राम पंचायत
ग्राम पंचायत सैंया की आबादी करीब 15 हजार है। इसमेें 12 मजरे पक्कापुरा, सैंया, चकनूपुरा, दखलीपुरा, मंशाराय का पुरा, बघेल अड्डा, पुरा महाराज, लोचन का अड्डा, डाढ़की, मल्हेला, आदिवासी नगर, लोध का पुरा हैं। ग्राम पंचायत कस्बे के रूप में विकसित हो चुका है। बाजार के साथ ही प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूल और इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, थाना और ब्लॉक मुख्यालय भी है।
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