आगरा में स्कूली वाहनों की जांच में शुक्रवार को प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की बसें छुट्टी होने के बाद भगवान टाकीज व अन्य स्थानों पर रोक दी गईं। बसों में विद्यार्थी बैठे थे। तपती दोपहरी में विद्यार्थियों को बाहर निकालकर बसों की जांच हुई। अभिभावकों ने फोटो खींचकर स्कूल प्रशासन को उपलब्ध कराए और ऐसी जांच पर आपत्ति जताई।
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक व अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि बसों के सभी कागजात पूरे थे, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया। गाजियाबाद में हुई घटना के बाद बसों की जांच जरूरी है, अनुरोध है कि जब विद्यार्थी बस में बैठे हों तब भीषण गर्मी और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को देखते हुए जांच न करें, बसों के स्कूल लौटने पर जांच करा लें।
उन्होंने अप्सा के सदस्य स्कूलों को निर्देशित किया कि वह बस के फिटनेस, परमिट और इंश्योरेंस आदि से संबंधित सारे कागजात पूरे होने के बाद ही बस चलाएं। बस की खिड़कियों पर चार पाइप लगाएं, जिससे विद्यार्थी खिड़की से गर्दन बाहर न निकाल सकें।
दूसरी ओर, आरटीओ (प्रशासन) पीके सिंह का कहना है कि जनवरी से लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। स्कूलों में चेकिंग की जा रही है। इसके बाद भी अनफिट बसें चलाई जा रही हैं। ऐसे में सड़कों पर चेकिंग करना पड़ा। स्कूल प्रधानाचार्य, प्रबंधकों की बैठक में केवल प्रतिनिधियों को भेज दिया जाता है।
31 स्कूली गाड़ियों का चालान, छह सीज
आरटीओ के प्रवर्तन दलों ने शुक्रवार को स्कूली बस-कैब की चेकिंग में 31 गाड़ियों का चालान और छह को सीज किया। एआरटीओ (प्रवर्तन) ललित कुमार के साथ राजेश मोहन, दिनेश कुमार, प्रीति सिंह ने टीमों के साथ होली पब्लिक स्कूल, हिलमैन पब्लिक स्कूल, डीपीएस, वनस्थली विद्यापीठ, सनराइज स्कूल की बस और कैब की चेकिंग की। इनमें मानक पूरे नहीं होने पर 31 चालान किए गए। फिटनेस नहीं होने पर छह गाड़ियों को सीज किया गया। ब्यूरो