राजस्थान में दलित हत्या पर टालमटोल जवाब
भाकियू प्रवक्ता टिकैत से जब पूछा गया कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के दलित हत्या में भेदभाव क्यों, राजस्थान में एक दलित की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी, वहां परिजनों से मिलने क्यों नहीं गए। इस पर टिकैत ने उस कांड को निजी रंजिश बताते हुए सवाल को टाल गए। सड़क खाली करने के कोर्ट के आदेश पर बोले, जो कोर्ट कहेगा उसे माना जाएगा। लेकिन जब उनसे पूछा कि कोर्ट ने तो यह भी कहा है कि मामला जब न्यायालय में है तो धरना-आंदोलन क्यों। इस पर टिकैत बोले, जी हम नहीं गए कोर्ट और उन्होंने प्रेसवार्ता समाप्त कर दी। इस दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां, मंडल अध्यक्ष गजेंद्र सिंह परिहार, चौधरी रामवीर सिंह, प्रमेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह निमेष, नत्थू सिंह धाकरे, सौरभ चौधरी, सत्यवीर चौधरी, धर्मवीर चौधरी आदि मौजूद रहे।
घर में आने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर
मृतक अरुण के पुल छिंगामोदी स्थित घर की सीसीटीवी से निगरानी जा रही है। रविवार को घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। मृतक के भाई बंटी ने बताया कि कुछ लोग कैमरे लगवा रहे हैं। यह कैमरे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने लगवाए हैं। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पार्टी मुखिया के आदेश पर चार कैमरे लगवाए गए हैं।
इनमें दो घर के अंदर गेटों पर हैं, जबकि दो बाहर लगवाए गए हैं, जिससे गली का रास्ता कवर किया जा सके। इसकी डीवीआर और एलईडी अंदर कमरे में लगाई गई है, जिससे घर में आने वालों पर नजर रखी जा सके। परिवार के लोगों को डर है कि पुलिस फिर आ सकती है। उन्हें परेशान किया जा सकता है।
घर के बाहर तैनात है पुलिस-पीएसी
अरुण नरवार के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा हुआ है। पीएसी भी तैनात की गई है। हालांकि बैरियर हटा दिए गए हैं। रविवार को कम ही लोग परिवार से मिलने आए। घर से करुण क्रंदन ही गूंजता रहा।