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बालगृह अधीक्षिका की बर्बता की कहानी: बच्ची की आपबीती, बोली- बांध दिए जाते थे हाथ-पैर, सोते समय चप्पल से पिटाई

Mon, 18 Sep 2023 02:25 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा के राजकीय बालगृह की अधीक्षिका की क्रूरता की कहानी के 12 साल की मासूम ने जब बताया तो सभी हैरान रह गए। बच्ची ने बताया कि हाथ पैर बांधकर पिटाई की जाती थी। वो बच्चों से मालिश कराती थी और पैर दबवाती थीं। 
 
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अधीक्षिका की क्रूरता: बालगृह में बच्ची को चप्पल से पीटा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के राजकीय बालगृह (शिशु) में बच्ची की चप्पल से पिटाई के मामले में अधीक्षिका पूनम पाल को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार कर अधीक्षिका को कोर्ट में पेश किया था, जहां से अंतरिम जमानत मिल गई। वहीं पीड़ित बालिका का पुलिस ने रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया। बालिका ने अधीक्षिका के उत्पीड़न और चप्पल से पिटाई करने की जानकारी दी है। अब मेडिकल परीक्षण के बाद बालिका को कानपुर के बालिका गृह भेजा जाएगा।

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शाहगंज स्थित बालगृह का एक वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था। इसमें अधीक्षिका पूनम पाल बालिका को चप्पल से पीटती नजर आ रही थीं। एक अन्य वीडियो में बच्चे के हाथ-पैर बंधे थे। जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीपीओ ने जांच के बाद अधीक्षिका को निलंबित किया। पूनम पाल के खिलाफ एफआईआर कराई गई। पुलिस ने गिरफ्तार भी किया, फिलहाल वह जमानत पर हैं। पुलिस ने रविवार को पीड़िता के बयान दर्ज कराए। इंस्पेक्टर शाहगंज ने बताया कि बालिका की उम्र 12 साल से ज्यादा है। उसे कानपुर के बालिका गृह भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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वायरल हुआ था वीडियो
पूनम पाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वह राजकीय बालगृह में आवासित बच्ची की चप्पल से पिटाई कर रही थीं। यह 4 सितंबर का था। दूसरा वीडियो एक बच्चे के हाथ-पैर बंधे होने का था। वह फर्श पर जमीन पर लेटा हुआ था। मामले में बालगृह की आयाओं ने डीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) अजयपाल सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट आनंद कुमार को जांच के आदेश किए थे। अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद अधीक्षिका पूनम पाल को निलंबित किया गया था।

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मुकदमे में एक ही वीडियो का जिक्र
राजकीय बालगृह में 10 वर्ष तक की आयु के 28 बच्चे रह रहे हैं। इनकी देखभाल के लिए कर्मचारी तैनात हैं। थाना शाहगंज में दर्ज मुकदमे में पूनम पाल के अलावा संस्था में तैनात कार्मिक, आया, पूर्व प्रभारी संस्था के अधीक्षकों के खिलाफ जांच करने की बात कही गई है। अन्य तैनात कर्मियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है। उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है। मुकदमे में एक ही वीडियो की बात कही गई है, जबकि दो और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे।

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मिली एक सप्ताह की अंतरिम जमानत
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि बालगृह की तत्कालीन अधीक्षिका पूनम पाल को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने आरोपी को एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। उन्होंने अस्थमा से पीडि़त होने की बात कही थी। वीडियो वायरल करने वाले की पहचान की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी, जो भी घटना में संलिप्त होगा आरोपी बनाया जाएगा।
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